सड़क निर्माण के नाम पर खनिज नियमों के उल्लंघन के आरोप, मेसर्स एस. अमोलक कंस्ट्रक्शन पर उठे सवाल

घनाकाला से मुरेठ मार्ग निर्माण में मुरुम-गिट्टी के उपयोग की जांच की मांग; उत्खनन अनुमति और रॉयल्टी दस्तावेजों की पड़ताल जरूरी

मझौली, जबलपुर।

मझौली क्षेत्र में घनाकाला से मुरेठ मार्ग के निर्माण कार्य को लेकर खनिज नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। निर्माण कार्य में मुरुम और गिट्टी के उपयोग तथा उनकी उपलब्धता के वैध स्रोत को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। इस मामले में **मेसर्स एस. अमोलक कंस्ट्रक्शन** का नाम सामने आया है। आरोप है कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही खनिज सामग्री के संबंध में आवश्यक उत्खनन अनुमति और रॉयल्टी दस्तावेज स्पष्ट नहीं हैं।

हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच और अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

अनुमति और रॉयल्टी पर उठे सवाल

सड़क निर्माण में मुरुम एवं गिट्टी जैसी खनिज सामग्री का उपयोग किया जाता है। नियमानुसार, सामग्री के स्रोत, परिवहन और वैध खनन से संबंधित आवश्यक अनुमतियों तथा रॉयल्टी के दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण है। ऐसे में सवाल उठता है कि घनाकाला से मुरेठ मार्ग निर्माण के लिए उपयोग की जा रही सामग्री कहां से लाई जा रही है? क्या संबंधित सामग्री के लिए वैध खनन अनुमति, रॉयल्टी भुगतान और परिवहन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध हैं?

यदि जांच में बिना वैध अनुमति खनन या नियमों के विरुद्ध खनिज परिवहन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार जिम्मेदार व्यक्तियों और संबंधित पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।

खनिज विभाग और निर्माण एजेंसी की भूमिका की जांच जरूरी

मामले में खनिज विभाग से लेकर संबंधित निर्माण एजेंसी तक की भूमिका की निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग उठ रही है। जांच के दौरान निर्माण स्थल पर उपयोग की गई मुरुम-गिट्टी की मात्रा, उसके स्रोत, रॉयल्टी रसीदों, परिवहन दस्तावेजों और उत्खनन अनुमति का मिलान किया जाना चाहिए।

साथ ही, संबंधित सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृत लागत, तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश, गुणवत्ता परीक्षण और माप पुस्तिका (एमबी) का परीक्षण भी आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण कार्य निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है या नहीं।

प्रशासन से इन बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग

1. घनाकाला से मुरेठ मार्ग निर्माण स्थल का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए।

2. उपयोग की जा रही मुरुम और गिट्टी के वैध स्रोत एवं रॉयल्टी दस्तावेजों की जांच हो।

3. संबंधित उत्खनन अनुमति और खनिज परिवहन दस्तावेजों का सत्यापन किया जाए।

4. निर्माण एजेंसी के कार्यादेश, एमबी, तकनीकी स्वीकृति और गुणवत्ता परीक्षण अभिलेखों की जांच हो।

5. अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित नियमों के तहत जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।

अब जांच और जवाब का इंतजार

घनाकाला से मुरेठ मार्ग निर्माण को लेकर उठे सवालों का जवाब संबंधित विभागीय अभिलेखों और निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा। अब देखना होगा कि खनिज विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में स्थल निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच करते हैं या नहीं।

मझौली दर्पण न्यूज़ की पड़ताल में प्रमुख सवाल यही है—क्या सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही खनिज सामग्री का स्रोत और रॉयल्टी रिकॉर्ड नियमानुसार है?** 

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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