प्रशासनिक बैठकों की औपचारिकता ने ली दो युवकों की जान: नरीला विसर्जन मार्ग पर लटकती 11 KV लाइन से फैला करंट, 2 की मौत, आधा दर्जन झुलसे; AE और लाइनमैन पर FIR

बैठकों में दिए गए ‘दुरुस्ती’ के वादे निकले खोखले, विसर्जन ट्रॉली में करंट दौड़ने से मची भगदड़

* कार्यपालन अभियंता की रिपोर्ट और चक्षुदर्शियों के बयान के बाद मझौली पुलिस का कड़ा एक्शन, BNS की धारा 106(1) व 125(ए) में केस दर्ज

मझौली (जबलपुर)

त्योहारों से पहले आयोजित होने वाली प्रशासनिक व शांति समिति की बैठकों में अफसर किस कदर खोखले वादे करते हैं, इसका रोंगटे खड़े कर देने वाला प्रमाण मझौली में देखने को मिला। विसर्जन मार्ग पर झूलते हाईटेंशन तारों को लेकर दुर्गा उत्सव समिति द्वारा बार-बार चेताए जाने के बावजूद बिजली विभाग की कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी। नतीजा यह रहा कि 21-22 अक्टूबर की दरमियानी रात नरीला तालाब विसर्जन स्थल के पास 11 केवी लाइन के संपर्क में आने से दो युवकों की तड़पकर मौत हो गई, जबकि छह से अधिक युवक झुलस गए। मझौली थाना पुलिस ने मामले में बिजली विभाग के सहायक यंत्री और लाइनमैन की आपराधिक लापरवाही मानते हुए दोनों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (लापरवाही से मौत) का आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।

जब तक कोई कुछ समझ पाता, करंट से भर गई पूरी ट्रॉली

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिविल लाइन मझौली में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन नरीला तालाब में होना तय था। समिति के सदस्य हाथ से खींची जाने वाली ट्रॉली पर प्रतिमा को रखकर पूरे उत्साह के साथ तालाब की ओर बढ़ रहे थे। रात करीब 12 बजे जैसे ही विसर्जन दल नरीला तालाब के करीब पहुंचा, ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन का झूलता तार प्रतिमा के ऊपरी हिस्से से छू गया। तार छूते ही जोरदार चिंगारियों के साथ पूरी ट्रॉली में हाई-वोल्टेज करंट दौड़ गया। विसर्जन के उल्लास के बीच एकाएक चीख-पुकार मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।

दो घरों के चिराग बुझे, आधा दर्जन साथी अस्पताल में

हादसे में ट्रॉली के साथ चल रहे विकास सिंह राजपूत (उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम मेहगंवा) और उनके साथी प्रिंस चौहान करंट की सीधी चपेट में आ गए। इसके अलावा मनीष राजपूत, मयंक राजपूत, शुभम राजपूत, विक्की रैकवार, अंकुश सिंह राजपूत और हर्ष राजपूत सहित अन्य युवक बुरी तरह झुलस गए। सभी को तत्काल शासकीय अस्पताल मझौली ले जाया गया, जहां डॉ. हर्षवर्धन ने परीक्षण उपरांत विकास राजपूत और प्रिंस चौहान को मृत घोषित कर दिया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में चिकित्सकों ने मौत की वजह हाई-वोल्टेज करंट से हृदय गति रुकना (हार्ट फेल) स्पष्ट की है।

खुलासा: बैठक में अधिकारियों ने खुद दिया था दुरुस्ती का भरोसा

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी मनीष राजपूत ने पुलिस को दिए अपने बयानों में विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मनीष के अनुसार, दुर्गा स्थापना से पहले आयोजित आधिकारिक बैठक में समितियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बताया था कि नरीला तालाब विसर्जन मार्ग पर 11 केवी लाइन काफी नीचे लटक रही है, जो किसी भी दिन बड़े हादसे का सबब बन सकती है। उस दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि तारों को ऊंचा कर व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी। विसर्जन की रात तक न तो तार कसे गए और न ही मौके पर कोई सुरक्षात्मक कदम उठाए गए।

कार्यपालन अभियंता सिहोरा के पत्र के बाद पुलिस का शिकंजा

मामले में थाना मझौली के उपनिरीक्षक रघुवीर सिंह ने मौके पर पहुंचकर मर्ग पंचनामा तैयार किया और चक्षुदर्शियों के बयान कलमबद्ध किए। इसके साथ ही कार्यपालन अभियंता सिहोरा के आधिकारिक पत्र (क्र./का.अ./सं.सं/कार्य/1555) में दी गई उत्तरदायित्व निर्वहन की जानकारी के बाद यह साफ हो गया कि उक्त क्षेत्र की विद्युत सुरक्षा की सीधी जिम्मेदारी सहायक यंत्री और संबंधित लाइनमैन की थी।

पुलिस ने प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही पाते हुए दोनों को नामजद आरोपी बनाया है:

 * आरोपीगण:

   * एम. पी. विश्वकर्मा (सहायक यंत्री / प्रभारी अधिकारी, म.प्र. विद्युत विभाग, मझौली)

   * प्रवीण कुमार दाहिया (लाइन कर्मचारी, म.प्र. विद्युत विभाग, मझौली)

 * दर्ज धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) (लापरवाही से मृत्यु कारित करना) एवं धारा 125(ए) (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना)।

नगर में गहरा आक्रोश: सिर्फ कागजी केस नहीं, गिरफ्तारी हो

इस हृदयविदारक घटना के बाद समूचे मझौली क्षेत्र में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब जनता पहले से खतरे की जानकारी दे चुकी थी, तब विभाग का बेपरवाह बने रहना सीधे तौर पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। परिजनों और क्षेत्रवासियों ने नामजद अधिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवारों को उच्चस्तरीय आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले में विवेचना जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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