सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और MV एक्ट की धारा 136 के तहत मुख्यालय ने जारी किया कड़ा फरमान; मनमानी पर सीधे WhatsApp हेल्पलाइन पर दर्ज होगी शिकायत
पटना
सड़क हादसों के बाद थानों में धूल फांकती, कबाड़ में तब्दील होती गाड़ियों और थानेदार के चक्कर काटते बेबस वाहन मालिकों के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। बिहार पुलिस मुख्यालय (यातायात प्रभाग) ने 8 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिलों और थानों के लिए निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी दुर्घटनाग्रस्त वाहन को अब थानों में अनावश्यक रूप से जब्त करके नहीं रखा जाएगा। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही गाड़ी को अधिकतम 24 घंटे के अंदर वाहन स्वामी या चालक के सुपुर्द करना होगा।
पुलिस मुख्यालय ने इस बात पर जोर दिया है कि पुलिस का काम जनता के लिए रुकावट पैदा करना नहीं, बल्कि ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) की भावना के तहत एक सुविधाप्रदाता (Facilitator) की भूमिका निभाना है।
अब नहीं सड़ेगी गाड़ियां, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला
अक्सर देखा जाता है कि मामूली या गंभीर सड़क हादसों के बाद पुलिस जांच, पंचनामा या अदालती पेचीदगियों के नाम पर दोपहिया, चारपहिया और व्यावसायिक वाहनों को महीनों थानों में सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है। इस दौरान गाड़ियों के कलपुर्जे गायब होने और खुले आसमान के नीचे गाड़ियां कबाड़ बनने की शिकायतें आम थीं।
मुख्यालय ने अपने आदेश में मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 136 और माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी ऐतिहासिक दिशा-निर्देशों का हवाला दिया है। आदेश के मुताबिक, दुर्घटना के बाद वाहन का तकनीकी निरीक्षण, पंचनामा और फोटोग्राफी जैसी प्राथमिक और जरूरी कागजी औपचारिकताएं त्वरित गति से पूरी की जाएंगी। इसके तुरंत बाद, तय कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित बांड या सिक्योरिटी जमा करवाकर गाड़ी को रिलीज करना अनिवार्य होगा।
आदेश के तीन प्रमुख बिंदु:
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समय-सीमा तय (24 घंटे का नियम): औपचारिकताएं पूरी होते ही ठीक 24 घंटे के भीतर वाहन को उसके असली मालिक या अधिकृत चालक को सौंपना अनिवार्य।
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जब्ती का खेल खत्म: अदालत और कानून के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद वाहनों को थानों में दबाकर रखने की परिपाटी पर पूरी तरह रोक।
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सीधी जवाबदेही: यदि किसी थाने में वाहन को लेकर हीलाहवाली या अनावश्यक विलंब किया गया, तो संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अड़ंगेबाजी पर नपेंगे थानेदार: पुलिस मुख्यालय ने जारी किया WhatsApp हेल्पलाइन नंबर
आदेश केवल कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर एक विशेष केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (Control Room) सक्रिय कर दिया गया है।
यदि किसी थाना क्षेत्र में तय समय सीमा के भीतर वाहन छोड़ने में आनाकानी की जाती है, वाहन मालिक को बेवजह दौड़ाया जाता है या किसी भी तरह के अनुचित दबाव की स्थिति बनती है, तो पीड़ित सीधे मुख्यालय के आधिकारिक नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
शिकायत एवं सहायता नंबर (WhatsApp): 9031829356
मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में इस नंबर पर आने वाली प्रत्येक शिकायत की सीधे जांच की जाएगी और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस प्रशासन ने राज्य के सभी नागरिकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी तरह की मनमानी के खिलाफ निसंकोच आवाज उठाएं।




