बरहटा सेवा सहकारी समिति के ऑडिट में आपत्ति न लगाने के एवज में मांगी थी रिश्वत; लोकायुक्त की कार्रवाई से सहकारिता महकमे में हड़कंप

नरसिंहपुर में लोकायुक्त का बड़ा शिकंजा: 8 हजार की घूस लेते प्रभारी प्रबंधक रंगे हाथ गिरफ्तार, ऑडिट ऑफिसर भी बना आरोपी

नरसिंहपुर

नरसिंहपुर जिले के सहकारिता महकमे में लंबे समय से चल रहे घूसखोरी के खेल पर लोकायुक्त पुलिस ने करारा प्रहार किया है। जबलपुर लोकायुक्त की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर विपणन सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। मामले में मौके पर मौजूद ऑडिट ऑफिसर की भूमिका भी संदेहास्पद पाई गई, जिसके बाद लोकायुक्त ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक व विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया है।

ऑडिट में आपत्ति न लगाने के नाम पर मांगी थी ₹20,000 की रिश्वत

प्राप्त विवरण के अनुसार, यह पूरा मामला सेवा सहकारी समिति बरहटा के वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऑडिट से जुड़ा हुआ है। ऑडिट के दौरान समिति के खातों में किसी भी तरह की तकनीकी या वित्तीय आपत्ति (ऑडिट ऑब्जेक्शन) न निकालने और रिपोर्ट पक्ष में तैयार करने के एवज में ऑडिट ऑफिसर राजेंद्र सिंह ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की घूस की मांग की थी।

शिकायतकर्ता द्वारा लगातार असमर्थता जताए जाने पर सौदेबाजी का दौर चला। पीड़ित ने इसकी विधिवत शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई।

सत्यापन में ₹8,000 पर तय हुआ सौदा, बिछाया गया ट्रैप

लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। बातचीत के दौरान ऑडिट ऑफिसर और बिचौलिये की भूमिका निभा रहे प्रभारी प्रबंधक अमित श्रीवास्तव ₹8,000 की राशि लेने पर सहमत हुए।

सत्यापन पुख्ता होते ही लोकायुक्त की टीम ने 21 सितंबर को नरसिंहपुर में योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की तैयारी की।

केमिकल लगे नोट थामते ही दबोचा, दोनों अफसरों पर गिरी गाज

तय रणनीति के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने केमिकल लगे 8 हजार रुपये विपणन सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक अमित श्रीवास्तव के हाथों में सौंपे, लोकायुक्त की टीम ने दबिश देकर उन्हें मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। केमिकल परीक्षण के दौरान प्रभारी प्रबंधक के हाथ धुलवाते ही पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे घूस लेने की पुष्टि हो गई।

कार्रवाई के वक्त मौके पर ऑडिट ऑफिसर राजेंद्र सिंह भी मौजूद थे। लोकायुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभारी प्रबंधक अमित श्रीवास्तव और ऑडिट ऑफिसर राजेंद्र सिंह—दोनों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक मामला पंजीबद्ध कर लिया है।

घटनाक्रम एक नजर में:

विभाग व स्थान: विपणन/सहकारिता विभाग, नरसिंहपुर।

मामला: सेवा सहकारी समिति बरहटा (वर्ष 2025-26) के ऑडिट में आपत्ति न लगाने का दबाव।

 मांग व सौदा: ऑडिट ऑफिसर ने मांगे थे ₹20,000; सत्यापन में ₹8,000 तय।

 ट्रैप: 21 सितंबर को प्रभारी प्रबंधक अमित श्रीवास्तव ₹8,000 लेते रंगे हाथ गिरफ्तार।

 आरोपी: प्रभारी प्रबंधक अमित श्रीवास्तव एवं ऑडिट ऑफिसर राजेंद्र सिंह दोनों पर एफआईआर दर्ज।

महकमे में मची खलबली, अन्य समितियों के ऑडिट पर भी उठे सवाल

कार्रवाई के बाद लोकायुक्त पुलिस दोनों आरोपियों से संबंधित दस्तावेजों, बैंक खातों और चल-अचल संपत्तियों के संबंध में भी आवश्यक छानबीन कर रही है। जिले की अन्य प्राथमिक साख व सेवा सहकारी समितियों में ऑडिट के नाम पर की जाने वाली अवैध वसूली की चर्चाएं भी अब खुलकर सामने आने लगी हैं। लोकायुक्त की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त मातहतों और अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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