लोकायुक्त में ट्रैप सरपंच का नया कारनामा: बनखेड़ी में बेटों के खातों में डाल दी शौचालय निर्माण की राशि

एसबीएम-जी फेस-2 में पद के दुरुपयोग की खुली कलई, दस्तावेजों के साथ जिला प्रशासन और जिपं सीईओ से शिकायत; बर्खास्तगी व एफआईआर की मांग

मझौली (जबलपुर)

रिश्वतखोरी के मामले में लोकायुक्त के शिकंजे में आ चुके ग्राम पंचायत बनखेड़ी के सरपंच कमल पटैल पर अब स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (एसबीएम-जी) फेस-2 योजना में वित्तीय मनमानी और शासकीय राशि के गबन का संगीन आरोप लगा है। आरोप है कि सरपंच ने पद और प्रभाव का बेजा इस्तेमाल करते हुए पात्र ग्रामीणों का हक छीना और योजना के तहत मिलने वाली शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि सीधे अपने दोनों सगे बेटों के बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली।

इस खुलासे के बाद जनपद से लेकर जिला पंचायत तक हड़कंप मच गया है। ग्राम निवासी नागराज राजपूत ने आधिकारिक मतदाता सूची और एसबीएम-जी के भुगतान रिकॉर्ड के साथ जिला प्रशासन व मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), जिला पंचायत जबलपुर को विधिवत शिकायत सौंपकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

मतदाता सूची और बैंक ट्रांजेक्शन से खुला खेल

शिकायतकर्ता द्वारा संलग्न शासकीय दस्तावेजों के अनुसार:

 * वोटर लिस्ट में नाम: ग्राम पंचायत बनखेड़ी की आधिकारिक मतदाता सूची के सरल क्रमांक 654 पर रतनेश (पिता कमल प्रसाद) और सरल क्रमांक 659 पर अंकित (पिता कमल) दर्ज हैं। ये दोनों ग्राम सरपंच कमल पटैल के सगे पुत्र हैं।

 * खातों में राशि का आहरण: एसबीएम-जी फेस-2 योजना के तहत गरीब व पात्र परिवारों को दरकिनार कर सरपंच के दोनों बेटों—अंकित पटैल और रतनेश पटैल—को फर्जी तरीके से हितग्राही सूची में दर्ज कराया गया और शौचालय की शासकीय राशि उनके खातों में अंतरित कर ली गई।

 * नियमों की खुली अवहेलना: पंचायती राज प्रावधानों को ताक पर रखकर पद पर रहते हुए अपने ही परिजनों को आर्थिक लाभ पहुंचाने का यह सीधा मामला सामने आया है।

लोकायुक्त ट्रैप के बावजूद नहीं रुका भ्रष्टाचार

शिकायत के अनुसार सरपंच कमल पटैल की कार्यप्रणाली पूर्व से ही विवादित रही है। मार्च 2025 में लोकायुक्त संगठन ने उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था, जिसका प्रकरण अभी लोकायुक्त विभाग में विचाराधीन है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व प्रकरण में कठोर दंडात्मक परिणति न होने के चलते सरपंच के हौसले बुलंद रहे और गांव में उनके प्रभाव के कारण आम ग्रामीण खुलकर शिकायत दर्ज कराने का साहस नहीं जुटा पाते थे।

पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 व 92 के तहत कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता व ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण में वैधानिक धाराओं के तहत तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की मांग उठाई है:

 * धारा 40 (पद से बर्खास्तगी): पद के घोर दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता सिद्ध होने पर सरपंच को पद से तत्काल बर्खास्त कर आगामी 6 वर्षों के लिए पंचायत चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जाए।

 * धारा 92 (वसूली व जेल): गबन की गई शासकीय राशि की आरएफसी (राजस्व वसूली प्रमाणपत्र) जारी कर ब्याज सहित वसूली की जाए और तय अवधि में राशि जमा न करने पर सिविल जेल भेजा जाए।

 * आपराधिक षड्यंत्र पर एफआईआर: कूटकरण, गबन और धोखाधड़ी के तहत सरपंच सहित भुगतान प्रक्रिया में शामिल तकनीकी व सचिवीय अमले के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।

शिकायती दस्तावेजों के आधार पर जिला स्तर से जांच टीम गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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