पंचायत की लापरवाही से ढहा गरीब का आशियाना: नाली न बनने से जमींदोज हुआ मकान; सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने पर गाली-गलौज व हमले का आरोप

जनपद पंचायत मझौली अन्तर्गत आने वाली तलाड़ पंचायत का मामला: एसडीएम सिहोरा से न्याय की गुहार; म.प्र. पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 व 89 के तहत सरपंच-सचिव पर शिकंजा कसने की मांग

 मझौली (जबलपुर)

ग्राम पंचायत तलाड़ (तहसील मझौली) में पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक तंत्र की घोर संवेदनहीनता व कर्तव्यहीनता का खौफनाक मामला सामने आया है। गांव में जल निकासी हेतु नाली निर्माण न कराए जाने से गंदा पानी लगातार एक गरीब परिवार के कच्चे मकान की नींव में भरता रहा, जिससे पूरा आशियाना भरभराकर जमींदोज हो गया। पीड़ित परिवार अब खुले आसमान के नीचे दाने-दाने को मोहताज है। हद तो तब हो गई जब पीड़ित ने इस अव्यवस्था की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई, तो समाधान निकालने के बजाय ग्राम सरपंच ने अभद्रता, गाली-गलौज करते हुए मारपीट का प्रयास किया।

पीड़ित ग्रामीण राजकुमार नामदेव (पिता धरमचंद नामदेव) ने एसडीएम सिहोरा को लिखित शिकायती आवेदन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, क्षतिपूर्ति मुआवजा और पंचायत राज अधिनियम के वैधानिक प्रावधानों के तहत सरपंच व सचिव पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

मिन्नतों को दरकिनार कर टालमटोल करती रही पंचायत

पीड़ित राजकुमार नामदेव के अनुसार, उसके कच्चे मकान के पास लंबे समय से गंदे पानी और बारिश के जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई थी। पानी की सुचारु निकासी के लिए उसने कई बार ग्राम पंचायत सरपंच व सचिव से नाली निर्माण कराने की गुहार लगाई। हर बार आश्वासन तो मिला, लेकिन काम कभी शुरू नहीं हुआ। पंचायत के जिम्मेदारों की इस लापरवाही का खामियाजा गरीब परिवार को भुगतना पड़ा; नींव कमजोर होने से समूचा मकान ढह गया और घरेलू गृहस्थी का सारा सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया।

सीएम हेल्पलाइन पर भड़के सरपंच: 112 पर बुलानी पड़ी पुलिस

पंचायत स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़ित ने मामले को शासन की सीएम हेल्पलाइन (शिकायत क्रमांक: 39338148) में दर्ज कराया। आरोप है कि समस्या का निवारण कराने के स्थान पर ग्राम सरपंच बौखला गए और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर सरपंच ने सार्वजनिक रूप से पीड़ित को भद्दी-भद्दी गालियां दीं और मारपीट पर आमादा हो गए। स्थिति बिगड़ती देख पीड़ित को डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुलानी पड़ी, तब जाकर उसकी जान बच सकी।

पंचायत राज अधिनियम के तहत नपेंगे सरपंच और सचिव

कानूनी जानकारों के अनुसार, मूलभूत सार्वजनिक निर्माण में लापरवाही बरतने और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में उदासीनता के चलते पंचायत पदाधिकारियों पर म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 के कड़े प्रावधान लागू होते हैं:

 * धारा 40 (पद से निष्कासन): अधिनियम की धारा 40 के तहत यदि कोई सरपंच या पंच अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लगातार उपेक्षा बरतता है, जनता के प्रति दुर्व्यवहार करता है या पद का दुरुपयोग कर जान-माल के नुकसान का कारण बनता है, तो विहित प्राधिकारी (कलेक्टर/आयुक्त) को उसे तत्काल पद से हटाने और 6 वर्ष के लिए अयोग्य घोषित करने का पूर्ण अधिकार है।

 * धारा 89 (वित्तीय व सार्वजनिक क्षति की जवाबदेही): पंचायत प्रतिनिधियों अथवा सचिव की लापरवाही के कारण यदि किसी नागरिक अथवा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो धारा 89 के तहत व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए वसूली और हर्जाने की कार्रवाई की जा सकती है।

 * म.प्र. पंचायत सेवा नियम (अनुशासन एवं अपील): कर्तव्य में घोर उपेक्षा और समय रहते नाली निर्माण न कराने को लेकर संबंधित पंचायत सचिव के निलंबन और विभागीय जांच की अनुशंसा की जा सकती है।

 * आपराधिक साजिश व प्रताड़ना: सीएम हेल्पलाइन के शिकायतकर्ता को धमकाने और मारपीट की कोशिश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हो सकती है।

एसडीएम से त्वरित जांच व मुआवजे की मांग

पीड़ित राजकुमार नामदेव ने मकान के मलबे और पूर्व स्थिति की तस्वीरें संलग्न कर प्रशासनिक अमले से गुहार लगाई है कि:

 * राजस्व अमला तत्काल मौके का निरीक्षण कर आरबीसी 6-4 के तहत मकान क्षति का पंचनामा बनाए और पीड़ित परिवार को प्राकृतिक/मानवजनित आपदा राहत मद से मुआवजा दिलाए।

 * कर्तव्य में घोर उपेक्षा बरतने वाले सरपंच और सचिव के विरुद्ध म.प्र. पंचायत राज अधिनियम की सुसंगत धाराओं में वैधानिक नोटिस जारी किया जाए।

 * सीएम हेल्पलाइन शिकायतकर्ता को प्रताड़ित करने और हमला करने के प्रयास पर सरपंच के विरुद्ध दंडात्मक वैधानिक कार्रवाई की जाए।

एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज होने के बाद राजस्व और जनपद पंचायत अमले में हड़कंप मच गया है और मामले में तकनीकी व राजस्व जांच शुरू की जा रही है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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