जनपद सदस्य सीमा मनोज तिवारी के नाम से पंजीकृत है ‘मां नर्मदा ट्रेडर्स’, पोर्टल पर निरस्त 23BYNPT0834P1ZS नंबर पर जारी हो रहे पक्के बिल

जनपद सदस्य सीमा मनोज तिवारी की फर्म ‘मां नर्मदा ट्रेडर्स’ पर गंभीर आरोप: निरस्त GST पर पंचायतों में बिलिंग, जनपद CEO ने गठित की जांच टीम

 * वाणिज्यिक कर कमिश्नर के बाद जनपद पंचायत मझौली पहुंचे ग्रामीण, पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता की शिकायत

 * जनपद सीईओ वीर बहादुर सिंह का बयान: जांच टीम गठित, निष्पक्ष जांच के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

इंद्राना / मझौली (जबलपुर)।

मझौली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत इंद्राना में संचालित बिल्डिंग मटेरियल फर्म ‘मां नर्मदा ट्रेडर्स’ द्वारा निरस्त (Cancelled) जीएसटी नंबर पर सरकारी निर्माण कार्यों में सामग्री खपाने का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तूल पकड़ चुका है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि विवादों के घेरे में आई फर्म ‘मां नर्मदा ट्रेडर्स’ स्वयं इंद्राना जनपद सदस्य श्रीमती सीमा मनोज तिवारी के नाम पर ही दर्ज (रजिस्टर्ड) है। जनप्रतिनिधि के नाम से संचालित फर्म द्वारा अमान्य जीएसटी नंबर पर पंचायतों के विकास कार्यों में सामग्री की आपूर्ति और शासकीय राशि के आहरण को लेकर ग्रामीणों ने चौतरफा मोर्चा खोल दिया है। वाणिज्यिक कर (GST) कमिश्नर, जबलपुर को शिकायत प्रेषित करने के बाद ग्रामीणों ने सीधे जनपद पंचायत कार्यालय मझौली में दस्तक दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद सीईओ वीर बहादुर सिंह ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच दल का गठन कर दिया है।

जनपद सदस्य की फर्म पर निरस्त नंबर से बिलिंग का आरोप, मोबाइल नंबर 9425493399 दर्ज

शिकायत के अनुसार, जनपद सदस्य सीमा मनोज तिवारी के नाम पर पंजीकृत फर्म ‘मां नर्मदा ट्रेडर्स’ द्वारा भवन निर्माण सामग्री की खरीद-फरोख्त के लिए जीएसटी नंबर 23BYNPT0834P1ZS का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। विभागीय रिकॉर्ड में यह पंजीयन पूर्व में ही निरस्त किया जा चुका है। इसके बावजूद फर्म द्वारा बिना किसी प्रशासनिक खौफ के इसी अमान्य नंबर पर पक्के जीएसटी बिल जारी किए जा रहे हैं। इन बिलों पर संपर्क सूत्र के रूप में मोबाइल नंबर 9425493399 दर्ज है। आरोप है कि अपने पद और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए इस निरस्त नंबर वाले बिलों के जरिए क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में चल रहे शासकीय विकास कार्यों में सामग्री खपाई जा रही है और सरकारी खजाने से भुगतानों को अंजाम दिया जा रहा है।

हितों का टकराव और पंचायत तंत्र की भूमिका पर सवाल

पंचायती राज व्यवस्था के नियमों के तहत किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा अपने पद का लाभ उठाकर शासकीय कार्यों में व्यावसायिक लाभ लेना और निरस्त कर चालान पर भुगतान प्राप्त करना सीधे तौर पर ‘हितों के टकराव’ (कनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) और गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला बनता है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार—सचिव, सरपंच, रोजगार सहायक और मूल्यांकन करने वाले उपयंत्री—जनपद सदस्य की फर्म के इन अमान्य बिलों को किस दबाव या सांठगांठ के तहत स्वीकार कर सरकारी धन का भुगतान कर रहे थे? ग्रामीणों का आरोप है कि पद के रसूख के कारण अब तक इस खेल पर पर्दा पड़ा रहा।

जनपद पंचायत मझौली में गूंजा मामला, सीईओ ने दी निष्पक्ष जांच की गारंटी

फर्जीवाड़े के विरोध में इंद्राना के ग्रामीणों ने जनपद पंचायत मझौली पहुंचकर प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा किया। ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने जनपद सीईओ को औपचारिक शिकायत सौंपते हुए पंचायतों में जमा कराए गए बिलों की सत्यता की पड़ताल करने और फर्म को सील कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की।

मामले को लेकर जनपद सीईओ वीर बहादुर सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में अमान्य जीएसटी बिलों से भुगतान की शिकायत अत्यंत गंभीर है। इस संबंध में जांच टीम गठित कर दी गई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच प्रतिवेदन सामने आते ही जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कठोर दंडात्मक व वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जागरूक ग्रामीणों ने दिखाई एकजुटता

कार्रवाई की मांग को लेकर लामबंद रहने वालों में सुरेश बर्मन, वासुदेव प्रसाद पांडे, अभय पांडे, धनीराम जायसवाल, रवि सिंह ठाकुर, लालू बर्मन, प्रमोद जैन, सौरभ दुबे, शाहिद खान, मनोहर सिंह, अनिल जायसवाल, नासिर खान, आजाद खान, नरसिंह ठाकुर, संजय सिंह ठाकुर, जय हिंद सोनी, गोविंद असाटी, जयओम सिंह ठाकुर, शशिकांत तिवारी, अर्पित सिंह, हेमंत पाण्डे, बजरंग, सानू, रामनारायण असाटी, पवन, बृजेश असाटी, राजेश बर्मन, शुभम एवं मन्ना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि टैक्स चोरी और शासकीय राशि के दुरुपयोग के इस मामले में लीपापोती की कोशिश की गई, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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