मनमानी करने वाले बकायादारों पर चलेगा RRC का डंडा, बिना रॉयल्टी परिवहन पर निरस्त होंगे पंजीयन

अगस्त तक सरकारी खजाने में आए 47.80 करोड़, अवैध उत्खनन-परिवहन पर 81.17 लाख का ठोका जुर्माना

कटनी।

जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन और सरकारी राजस्व दबाकर बैठे खदान संचालकों पर प्रशासन का शिकंजा कसने लगा है। खनिज राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर आशीष तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए दो टूक हिदायत दी है कि राजस्व वसूली में किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-सीमा में बकाया राशि जमा न करने वाले खदान संचालकों के खिलाफ भू-राजस्व संहिता के तहत आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाणपत्र) जारी कर कुर्की व वसूली की सीधी कार्रवाई की जाएगी।

खदानों की होगी जमीनी पड़ताल

कलेक्टर ने खनिज विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन खदानों से स्वीकृत मात्रा के अनुसार खनिज उत्पादन और प्रेषण नहीं किया जा रहा है अथवा रॉयल्टी जमा करने में आनाकानी की जा रही है, उनकी मौके पर जाकर भौतिक जांच की जाए। असंचालित खदानों और बकाया डेड रेंट वाले खदान धारकों की फाइलें तलब कर वास्तविक कारणों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

बिना रॉयल्टी दौड़ने वाले वाहनों पर गिरेगी गाज

अवैध परिवहन पर प्रहार करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध ई-टीपी/रॉयल्टी खनिज ढोने वाले प्रकरणों में केवल जुर्माना लगाकर खानापूर्ति नहीं होगी, बल्कि संबंधित फर्म और वाहनों के खनिज पंजीयन तत्काल निरस्त किए जाएंगे। विभागीय जांच दलों को 24 घंटे सक्रिय रहकर नाकों और प्रमुख मार्गों पर औचक निरीक्षण के निर्देश जारी किए गए हैं।

आंकड़ों में जिले की खनिज स्थिति:

 * संचालित खदानें: जिले में कुल 119 मुख्य खनिज और 77 गौण खनिज खदानें विधिवत संचालित हैं।

 * राजस्व अर्जन: चालू वित्तीय वर्ष में अगस्त माह के अंत तक शासन को 47 करोड़ 80 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

 * परिवहन पर कार्रवाई: अवैध खनिज परिवहन के 97 मामले दर्ज कर 73 लाख 28 हजार 223 रुपए का अर्थदंड वसूला गया।

 * अवैध उत्खनन पर प्रहार: अवैध खनन के 4 मामलों में 7 लाख 89 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

 * कुल अर्थदंड वसूली: अवैध उत्खनन और परिवहन पर कुल मिलाकर 81 लाख 17 हजार 223 रुपए का जुर्माना वसूला जा चुका है।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक संपदा का दोहन नियमों के दायरे में ही होना चाहिए। राजस्व की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में शत-प्रतिशत पूरा कराया जाएगा।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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