मझौली में वन विभाग की नाक के नीचे माफिया राज: चौकी के सामने से मुरम की खुली तस्करी, सब रेंजर और बीट गार्ड पर मिलीभगत के गंभीर आरोप

 मझौली वन परिक्षेत्र इन दिनों खनिज माफियाओं की खुली चारागाह बन चुका है। वन विभाग के आला अधिकारियों की नाक के नीचे प्राकृतिक संपदा का सीना चीरकर मुरम का अवैध खनन और तस्करी बेखौफ जारी है।

मझौली (जबलपुर)

सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि मुरम से लदे ओवरलोड डंपर और ट्रैक्टर सीधे वन चौकी के सामने से फर्राटा भरते हुए निकल रहे हैं, लेकिन निगरानी का जिम्मा संभाले बैठा अमला आंखें मूंदे मूकदर्शक बना हुआ है। इस पूरे अवैध खेल में स्थानीय सब रेंजर राजेश खरे और बीट गार्ड दीपक पटवा की कार्यप्रणाली सीधे तौर पर संदेह के घेरे में है और उन पर माफियाओं को खुला संरक्षण देने के संगीन आरोप लग रहे हैं।

चौकी के सामने से धड़ल्ले से निकल रहे डंपर

प्रत्यक्षदर्शियों और क्षेत्रीय ग्रामीणों के अनुसार, वन क्षेत्र के कई हिस्सों में दिन-रात जेसीबी और पोकलेन जैसी भारी मशीनें लगाकर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। खनन के बाद ओवरलोड डंपरों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए खनिज को ठिकाने लगाया जाता है। हैरत की बात यह है कि यह पूरा अवैध परिवहन वन चौकी के मुख्य मार्ग से होकर गुजरता है। इसके बावजूद जिम्मेदार अमले द्वारा वाहनों की जांच करना तो दूर, उन्हें रोकने की जहमत तक नहीं उठाई जाती।

अधिकारियों की चुप्पी और सांठगांठ के सीधे आरोप

ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि सब रेंजर राजेश खरे और बीट गार्ड दीपक पटवा को इलाके में चल रहे इस काले कारोबार की पूरी जानकारी है। स्थानीय स्तर पर कई बार सूचना और शिकायत दिए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना सीधे तौर पर मिलीभगत की पुष्टि करता है। सूत्रों की मानें तो खनिज माफिया और मैदानी वन अमले के बीच बने कथित ‘सांठगांठ के सिंडिकेट’ के कारण ही यह तस्करी फल-फूल रही है। इससे एक तरफ जहां शासन को रोजाना लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग रही है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र का पर्यावरण और वन संपदा पूरी तरह तबाह हो रही है।

क्षेत्रीय नागरिकों और जागरूक ग्रामीणों ने जबलपुर जिला प्रशासन और वरिष्ठ वन अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है:

 * उच्चस्तरीय जांच: जंगलों में चल रहे अवैध उत्खनन स्थलों का मौका मुआयना कर तत्काल विस्तृत जांच कराई जाए।

 * दोषियों पर शिकंजा: सब रेंजर राजेश खरे और बीट गार्ड दीपक पटवा की भूमिका की निष्पक्ष विभागीय जांच हो और संलिप्तता पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएं।

 * वाहनों की जब्ती: तस्करी में लिप्त वाहनों, मशीनों और माफिया नेटवर्क पर खनिज व वन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

Latest News

Stay Connected

0FansLike
30FollowersFollow
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Most View