नगर परिषद कटंगी की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मझौली/कटंगी (जबलपुर)
शैक्षणिक और सरकारी अभिलेखों में नाबालिग दर्ज एक लड़की को नगर परिषद के कागजों में फर्जीवाड़े के जरिए बालिग बना दिए जाने का बेहद संवेदनशील और संदिग्ध मामला उजागर हुआ है। इस पूरे फर्जीवाड़े को लेकर युवा कांग्रेस पाटन-कटंगी-मझौली ने कड़ा ऐतराज जताते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर वैधानिक कार्यवाही की मांग की है।
क्या है पूरा फर्जीवाड़ा?
प्राप्त शिकायत और संलग्न दस्तावेजों के अनुसार, नगर परिषद कटंगी द्वारा बीते 18 जुलाई 2026 को वार्ड क्रमांक 15, कटंगी निवासी कुमारी नंदिनी वर्मन (पिता: धर्मेंद्र वर्मन) के नाम से एक जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया। आरोप है कि इस प्रमाण पत्र को जारी करते समय सभी नियमों और सत्यता जांच को दरकिनार कर दिया गया। प्रमाण पत्र में जन्मतिथि में ऐसा हेरफेर किया गया है, जिससे कागजी तौर पर एक नाबालिग बच्ची को बालिग सिद्ध किया जा सके।
तीन-तीन सरकारी अभिलेख दे रहे सच्चाई की गवाही
युवा कांग्रेस द्वारा ज्ञापन के साथ सौंपे गए साक्ष्यों ने नगर परिषद की मिलीभगत और लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है:
प्राइमरी स्कूल रिकॉर्ड (2018-19): ‘चिल्ड्रन्स इंग्लिश मीडियम स्कूल, छत्राल’ के स्कॉलर रजिस्टर (G.R. No. 661) में छात्रा की जन्मतिथि 02/02/2010 दर्ज है।
9वीं कक्षा की अंकसूची (2024-25): ‘पीएम श्री सीएम राइज शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कटंगी’ द्वारा जारी अंकसूची में भी स्पष्ट रूप से जन्मतिथि 02-02-2010 (Second February Two Thousand Ten) अंकित है।
आधार में दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक भी बालिका का जन्म 02/02/2010 को ही हुआ है।
सभी प्रमुख दस्तावेजों में छात्रा की उम्र वर्ष 2010 के अनुसार नाबालिग ठहरती है, लेकिन नगर परिषद कटंगी के अधिकारियों और कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका के चलते इस फर्जी प्रमाण पत्र को जारी कर दिया गया।
युवा कांग्रेस पाटन विधानसभा अध्यक्ष ललित सोनी के नेतृत्व में सौंपे गए शिकायत पत्र में प्रशासन से सीधे सवाल पूछे गए हैं। युवा कांग्रेस ने मांग की है कि:
1. निष्पक्ष एवं त्वरित जांच: प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर यह स्पष्ट किया जाए कि यह फर्जी प्रमाण पत्र किस अधिकारी या कर्मचारी की स्वीकृति और अनुशंसा पर जारी हुआ।
2. कठोर कानूनी कार्यवाही: फर्जीवाड़े और लापरवाही में लिप्त कर्मचारियों/अधिकारियों पर तत्काल विभागीय और आपराधिक (FIR) मामला दर्ज कराया जाए।
3. प्रमाण पत्र निरस्त हो: नियमों के विपरीत जारी किए गए त्रुटिपूर्ण और संदिग्ध जन्म प्रमाण पत्र को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप
शिकायत पत्र सामने आने और स्कूली अभिलेखों में जन्मतिथि का बड़ा विरोधाभास उजागर होने के बाद से कटंगी नगर परिषद में हड़कंप का माहौल है। अब देखना यह होगा कि नगर परिषद प्रशासन इस फर्जीवाड़े पर पर्दा डालता है या फिर मामले में लिप्त दोषियों पर ठोस कानूनी शिकंजा कसता है




