विकास के दावों में ‘दलदल’ का दाग! कीचड़ में सने मासूमों के सपने, जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर नौनिहाल

 एक तरफ जहाँ सरकार हर गाँव-टोले तक पक्की सड़कों का जाल बिछाने और बेहतर कनेक्टिविटी के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जनपद पंचायत मझौली की ग्राम पंचायत सिमरिया घाट (पिपरिया कॉलोनी) से सामने आई तस्वीरें इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं।

मझौली (जबलपुर)

यहाँ की मुख्य सड़क अब सड़क न रहकर खतरनाक दलदल में तब्दील हो चुकी है, जिससे ग्रामीण नर्क जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं।

 कीचड़ में फिसलते मासूम, कॉपियां-कपड़े हो रहे खराब

सबसे हृदयविदारक स्थिति उन छोटे-छोटे बच्चों की है, जिन्हें प्रतिदिन इसी गहरे कीचड़, पानी और गड्ढों के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कीचड़ भरे मार्ग से गुजरते समय अक्सर मासूम बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े और कॉपियां खराब हो जाती हैं। कई बार बच्चे चोटिल भी हो रहे हैं, फिर भी अपने भविष्य को गढ़ने के लिए वे अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुँचने को मजबूर हैं।

 हादसों को न्योता, आपातकालीन सेवाओं पर लगा ब्रेक

पिपरिया कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहनों का निकलना भी नामुमकिन सा हो गया है। सबसे गंभीर बात यह है कि सड़क की इस बदहाली के कारण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं। बीमार मरीजों या गर्भवती महिलाओं को ले जाने वाली एम्बुलेंस कॉलोनी तक नहीं पहुँच पाती, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

 जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी मौन

ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं।

बड़ा सवाल: आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस बड़े हादसे या अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं? कब मिलेगी पिपरिया कॉलोनी के निवासियों और मासूम बच्चों को इस दलदल से मुक्ति?

 जनहित और नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और जनपद पंचायत मझौली के अधिकारियों से पुरजोर मांग करता है कि पिपरिया कॉलोनी के इस मार्ग पर तत्काल मुरुम/गिट्टी डलवाकर आवागमन सुगम कराया जाए और जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कार्य स्वीकृत कर प्रारंभ किया जाए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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