5 लाख रुपये डकारने की साजिश: पुरानी जर्जर दीवार पर लीपापोती कर समेटा काम

 मासूम छात्राओं की सुरक्षा दांव पर; सरपंच, सचिव और उपयंत्री की सांठगांठ का ग्रामीणों ने किया पर्दाफाश

ढीमरखेड़ा (कटनी)

कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरवारी से पंचायती राज में भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ शासकीय प्राथमिक कन्या शाला परिसर में छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्वीकृत बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरतते हुए सरकारी बजट को ठिकाने लगाने का गंभीर आरोप लगा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि नई दीवार बनाने के बजाय पंचायत और जिम्मेदार अधिकारियों ने भ्रष्टाचार का ऐसा शॉर्टकट निकाला, जो सीधे तौर पर स्कूली मासूम छात्राओं की जान के साथ खिलवाड़ है।

क्या है पूरा मामला

शासकीय कन्या शाला परिसर की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 15वें वित्त आयोग (जनपद स्तर) के तहत बाउंड्रीवॉल निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी।

 स्वीकृत राशि: ₹5 लाख

निर्माण एजेंसी: सरपंच, ग्राम पंचायत मुरवारी

 कार्य आईडी: 107322600

 प्रारंभ तिथि: 4 फरवरी 2026

नया निर्माण नहीं, सिर्फ पुरानी दीवार पर 2 फीट की ‘लीपापोती’

धरातल पर जब काम शुरू हुआ तो नियमों और तकनीकी मापदंडों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल परिसर में मौजूद लगभग 45 वर्ष पुरानी दीवार जो पहले से ही जर्जर स्थिति में थी, उसे ढहाकर नई नींव डालने के बजाय उसी के ऊपर बिना किसी पिलर या मजबूत सपोर्ट के महज 2 फीट ऊंची नई चिनाई कर दी गई। इसी 2 फीट के घटिया काम को ‘पूरा नया निर्माण’ बताकर 5 लाख रुपये का बिल भुनाने की तैयारी कर ली गई।

जिम्मेदारों की तिकड़ी पर गबन के आरोप

जागरूक ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की मिलीभगत है।

आरोप है कि: उपयंत्री अनिल जाटव, सरपंच अजय कुमार पटेल और पंचायत सचिव शंकर साहू की आपसी साठगांठ से इस अधूरे और गुणवत्ताहीन काम का कागजों पर मूल्यांकन (Evaluation) पास करा दिया गया। केवल ऊपरी हिस्से में मामूली चिनाई और रंग-रोगन कर पूरी स्वीकृत राशि को ठिकाने लगाने की साजिश रची गई है।

छात्राओं पर मंडरा रहा बड़े हादसे का खतरा

45 साल पुरानी और आधारहीन हो चुकी दीवार पर बिना किसी तकनीकी मंजूरी के अतिरिक्त भार लाद दिया गया है। यह जर्जर दीवार कभी भी भरभराकर गिर सकती है, जिससे स्कूल आने वाली मासूम बच्चियों की सुरक्षा पूरी तरह दांव पर लग गई है।

ग्रामीणों की मांग: जांच के साथ हो रिकवरी और एफआईआर

इस खुले भ्रष्टाचार को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने कटनी कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

प्रमुख मांगें

 1. मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए।

 2. उपयंत्री अनिल जाटव, सरपंच और सचिव के खिलाफ गबन का मामला (FIR) दर्ज किया जाए।

 3. सरकारी राशि की शत-प्रतिशत वसूली (Recovery) की जाए।

स्कूल की सुरक्षा के लिए 5 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन पुरानी दीवार पर ही खानापूर्ति कर दी गई। उपयंत्री द्वारा इसे संरक्षण देकर मूल्यांकन पास किया गया है। हम दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।”

जागरूक ग्रामीण, ग्राम पंचायत मुरवारी (ढीमरखेड़ा)

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सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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