तहसील अंतर्गत ग्राम पोड़ा में एक किसान के साथ साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
मझौली (जबलपुर)
पीड़ित किसान नरोत्तम बहादुर राय ने पुलिस अधीक्षक (SP) जबलपुर को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने और अपनी गाढ़ी कमाई वापस दिलाने की मांग की है।
इलाज के नाम पर लिए थे पौने चार लाख रुपये
शिकायत के अनुसार, वार्ड नंबर 10 मझौली निवासी नरोत्तम बहादुर राय की जान-पहचान ग्राम पोड़ा निवासी प्रशांत पटेल (पिता राजेन्द्र पटेल, निवासी पोड़ा कॉलोनी) से थी। 24 दिसंबर 2024 को प्रशांत ने अपनी पत्नी के इलाज का हवाला देते हुए आर्थिक मदद मांगी। उसने विश्वास दिलाने के लिए तहसील कार्यालय में बाकायदा नोटरी के समक्ष इकरारनामा किया और अपना 900 वर्ग फुट का मकान गारंटी के तौर पर रखा। किसान ने दो गवाहों की मौजूदगी में कुल 3,87,500 रुपये प्रशांत को सौंप दिए।
पैसे लौटाने के बजाय घर पर कर लिया कब्जा
पीड़ित का आरोप है कि समय सीमा बीत जाने के बाद जब उसने पैसे मांगे, तो आरोपी ने उसका मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया और मिलने से भी मना कर दिया। मामला तब और गंभीर हो गया जब 17 अप्रैल 2026 को आरोपी प्रशांत पटेल ने कथित तौर पर उक्त मकान का ताला तोड़ दिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने मकान के अंदर रखे कृषि यंत्र (तगाड़ी, फावड़ा आदि) कबाड़ में बेच दिए और मकान किसी अन्य व्यक्ति को किराए पर दे दिया।
नरोत्तम बहादुर राय ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मझौली थाना और एसडीओपी (SDOP) सिहोरा को भी लिखित शिकायत दी थी। हालांकि, लंबे समय के बाद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित किसान ने अब पुलिस अधीक्षक जबलपुर से गुहार लगाई है कि आरोपी प्रशांत पटेल पर धोखाधड़ी का मामला पंजीबद्ध किया जाए और उसकी मेहनत के पैसे वापस दिलाए जाएं। “मैं एक गरीब किसान हूँ। मैंने प्रशांत पटेल पर भरोसा किया, लेकिन उसने इकरारनामा करने के बावजूद मेरे साथ ठगी की है। मुझे न्याय की उम्मीद है।”— नरोत्तम बहादुर राय (पीड़ित किसान)
अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
रिपोर्ट: मझौली दर्पण न्यूज




