जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।
कटनी
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत अब जिले की शिक्षण संस्थाओं और आंगनबाड़ियों में स्थित जल भंडारण टंकियों की साफ-सफाई के लिए विशेष मुहिम चलाई जाएगी।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने इस संबंध में पीएचई (PHE), शिक्षा विभाग और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वच्छता साथी-वॉश ऑन व्हील’ सेवा के माध्यम से टंकियों की सफाई का कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। इस सेवा का उद्देश्य न केवल टंकियों को कीटाणुमुक्त करना है, बल्कि जल जीवन मिशन के तहत बनी ओवरहेड टंकियों का नियमित रखरखाव करना भी है।
सीईओ सुश्री कौर ने निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नलों की छोटी-मोटी टूट-फूट, वाल्व सुधार या नल की टोंटियां बदलने जैसे कार्यों के लिए भी ‘वॉश ऑन व्हील’ सेवा का उपयोग किया जाए। इसके लिए निर्मित मोबाइल ऐप पर ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे सेवाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ मिल सके।
जिला पंचायत सीईओ ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री, जिला शिक्षा अधिकारी, महिला बाल विकास के कार्यक्रम अधिकारी और समस्त जनपद सीईओ को समन्वय के साथ काम करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुद्ध पेयजल की उपलब्धता शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
नियमित सफाई: जल भंडारण टंकियों की हाई-प्रेशर और वैज्ञानिक तरीके से सफाई।
त्वरित सुधार: नल, टोंटी और वाल्व की खराबी का तत्काल निराकरण।
डिजिटल निगरानी: मोबाइल ऐप के माध्यम से सेवाओं की बुकिंग और फीडबैक।
इस मुहिम से जिले के हजारों बच्चों को स्वच्छ पानी मिलेगा और जल जनित बीमारियों के खतरे में कमी आएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट: मझौली दर्पण न्यूज




