क्या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं नगर परिषद के जिम्मेदार? स्वच्छता के दावों की खुली पोल
मझौली/जबलपुर (मध्य प्रदेश):
नगर परिषद मझौली में जल प्रदाय व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर के विभिन्न वार्डों में पिछले सात दिनों से नलों के माध्यम से गंदे और कीड़े युक्त पानी की सप्लाई की जा रही है। भीषण गर्मी के इस दौर में जहाँ पानी की बूंद-बूंद के लिए हाहाकार मचा है, वहीं परिषद द्वारा परोसा जा रहा यह प्रदूषित पानी बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रहा है।
कीड़े युक्त पानी से बढ़ा महामारी का खतरा
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नलों से आने वाला पानी इतना गंदा और बदबूदार है कि उसे हाथ लगाना भी मुश्किल है। पानी में साफ तौर पर कीड़े रेंगते देखे जा सकते हैं। सात दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों वाले परिवारों में डायरा, उल्टी-दस्त और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों का डर बैठ गया है।
इंदौर जैसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार?
नगर परिषद कार्यालय में तैनात अधिकारी और कर्मचारी जनता की इन शिकायतों को नजरअंदाज कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन शायद इंदौर जैसी किसी बड़ी जल-जनित त्रासदी या दुर्घटना का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही उनकी नींद खुलेगी। दफ्तरों में बैठकर फाइलों में स्वच्छता का दम भरने वाले अधिकारियों को धरातल पर बह रहा यह ‘जहर’ नजर नहीं आ रहा है।
सप्लाई में लापरवाही: सात दिनों के बाद प्रदूषित जल की आपूर्ति।: नलों में कीड़े निकलने से नागरिकों ने जताया कड़ा विरोध।
प्रशासनिक उदासीनता: शिकायतों के बावजूद सुधार के कोई ठोस कदम नहीं।
स्वास्थ्य पर संकट: महामारी फैलने की प्रबल संभावना।
आम जनता का सवाल: “हम टैक्स समय पर भरते हैं, तो क्या बदले में हमें कीड़े वाला पानी और बीमारियाँ मिलेंगी? अगर जल्द ही शुद्ध जल की आपूर्ति शुरू नहीं हुई, तो नगर परिषद के घेराव की तैयारी की जाएगी।”




