मध्य प्रदेश पुलिस जहाँ एक ओर ‘देश भक्ति-जन सेवा’ का नारा बुलंद करती है, वहीं जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने खाकी को फिर से शर्मसार कर दिया है।
जबलपुर/बरेला
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बरेला थाने के पुलिसकर्मी एक युवक के साथ सरेराह मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
नशे में था युवक, पुलिस ने कानून हाथ में लिया
मिली जानकारी के अनुसार, युवक नशे की हालत में था और सड़क पर कोई हंगामा कर रहा था। पुलिस का काम स्थिति को नियंत्रित करना और नियमानुसार कार्रवाई करना था, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने संयम खो दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी उस युवक को बेरहमी से पीट रहे हैं।
कानून का रक्षक ही बना भक्षक?
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के आधार पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या किसी भी व्यक्ति के नशे में होने पर पुलिस को उसे इस तरह पीटने का अधिकार है? कानून के जानकारों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति नशे में है, तो उसे हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया जाना चाहिए और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करना चाहिए, न कि बीच सड़क पर उसकी पिटाई की जानी चाहिए।
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोग जबलपुर पुलिस के आला अधिकारियों से सवाल पूछ रहे हैं कि क्या मारपीट करना ही पुलिस की कार्यप्रणाली का हिस्सा बन गया है?
इस मामले में अब तक बरेला थाना प्रभारी या वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। क्या इन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी या मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा, यह आने वाला समय बताएगा।




