जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में बुधवार को आयोजित सामान्य सभा की बैठक में ग्रामीण विकास और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई
कटनी
जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अशोक विश्वकर्मा की अध्यक्षता और सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर की उपस्थिति में हुई इस बैठक में सदस्यों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि जैसे अहम विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी।
बैठक के दौरान सबसे तीखा मोड़ तब आया जब सदस्यों ने विद्युत मंडल द्वारा ग्राम पंचायतों को भेजे जा रहे अनाप-शनाप बिजली बिलों पर कड़ा असंतोष जताया। सदस्यों ने मांग की कि इन बिलों में तत्काल सुधार किया जाए ताकि पंचायतों पर अनावश्यक वित्तीय भार न पड़े।
वहीं, किसानों की समस्याओं को उठाते हुए सदस्यों ने गेहूँ उपार्जन के दौरान स्लाट बुकिंग में आ रही तकनीकी दिक्कतों का मुद्दा उठाया। सदस्यों ने सुझाव दिया कि स्लाट बुक न होने की स्थिति में किसानों को टोकन जारी किए जाएं ताकि वे परेशान न हों।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने जनप्रतिनिधियों के सवालों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सदस्यों द्वारा दिए गए हर सुझाव को मिनिट्स बुक में दर्ज किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल चर्चा पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन सुझावों पर तथ्यात्मक और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
नल-जल योजना: जल निगम और पीएचई (PHE) विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन को चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान कार्ड: स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि आयुष्मान कार्ड की उपयोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी इसका लाभ ले सके।
जल गंगा संवर्धन: बैठक में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में चल रहे जल संरक्षण कार्यों की जानकारी दी गई और बारिश के पानी की एक-एक बूंद बचाने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य अजय गोटिया, कविता राय, प्रदीप त्रिपाठी, प्रेमलाल केवट, माला मौसी, रीना लोधी, प्रिया सिंह, संगीता देवी सहित जनपद अध्यक्ष लालकमल बंसल (बहोरीबंद), सुनीता दुबे (ढीमरखेड़ा), श्याम कली (रीठी) और विधायक प्रतिनिधि उदयराज सिंह एवं अतिरिक्त सीईओ अनुराग मोदी सहित विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख उपस्थित रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष की अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थिति के चलते बैठक की कमान उपाध्यक्ष श्री अशोक विश्वकर्मा ने संभाली।




