पाटन क्षेत्र के वजनदार विधायक द्वारा सोशल मीडिया पर ‘वारदाना चोरी’ पकड़ने के किए जा रहे प्रचार पर अब क्षेत्र के चर्चित व्यक्तित्व ठाकुर विक्रम सिंह ने मोर्चा खोल दिया है।


मझौली/पाटन
विक्रम सिंह ने सोशल मीडिया पर एक बेहद तीखी पोस्ट साझा करते हुए विधायक के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं और इसे सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली” वाली स्थिति बताया है।
ठाकुर विक्रम सिंह ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई किसी ईमानदारी की वजह से नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खेल में हिस्सा’ न मिलने की बौखलाहट का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं पूरे क्षेत्र में अपने करीबियों के माध्यम से अनाज खरीदी में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करा रहा हो, उसका ईमानदारी की बात करना हास्यास्पद है।
#विक्रम सिंह के पोस्ट के मुख्य बिंदु
सरंक्षण में फर्जीवाड़ा: पाटन क्षेत्र के खरीदी केंद्रों में हुए बड़े घोटालों पर विधायक चुप क्यों हैं? क्या उन केंद्रों को विधायक का संरक्षण प्राप्त नहीं है?
कमाऊ पूत’ का आतंक: क्षेत्र में एक ऐसा ‘गुर्गा’ सक्रिय है जो न भाजपा में है न कांग्रेस में, लेकिन वह विधायक का सबसे प्रिय है। आरोप है कि वह व्यक्ति अवैध रेत, मुरुम, शराब और जमीनों पर कब्जे से वसूली कर विधायक की तिजोरी भरता है।
फ्लेक्स दे रहे गवाही: पाटन-जबलपुर मार्ग पर लगे फ्लेक्स पिछले तीन महीनों से जनता का मजाक उड़ा रहे हैं। ये फ्लेक्स उन्हीं लोगों के हैं जो खरीदी केंद्रों में गड़बड़ी में शामिल हैं, और इनके हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि इनके सिर पर ‘माननीय’ का हाथ है।
विक्रम सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि विधायक जी के गुर्गे आज भाजपाइयों के ऊपर भी हावी हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों को सचेत करते हुए कहा कि यह सब जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है। भ्रष्टाचार की जड़ों को खुद सींचने वाले जब माली बनने का ढोंग करें, तो समझ लेना चाहिए कि मामला सिर्फ ‘कमीशन सेट’ न होने का है।
ठाकुर विक्रम सिंह के इस खुलासे के बाद पाटन की राजनीति में भूचाल आ गया है और सोशल मीडिया पर लोग विधायक से तीखे सवाल पूछ रहे हैं।




