कलेक्टर ने जिले में नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए चिन्हित भूमि के आवंटन की कार्यवाही को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
जबलपुर
जिले में औद्योगिक विकास, युवाओं के कौशल संवर्धन और स्वरोजगार के अवसरों को गति देने के लिए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आज मंगलवार को कलेक्ट्रेट में अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने उद्योग, रोजगार और कौशल विकास विभाग के कार्यों की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नए औद्योगिक क्षेत्रों का होगा विस्तार
मोहनिया (रांझी): यहाँ 25 एकड़ भूमि विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है।
कठौन्दा (अधारताल), झुरझुरु (पनागर), ककरहटा (पाटन) और झाँसी (शहपुरा): इन क्षेत्रों में नए औद्योगिक कॉरिडोर के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है।
कलेक्टर ने जिले में खाद्य प्रसंस्करण क्लस्टर की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जबलपुर में सिंघाड़े का बड़ा उत्पादन होता है, इसलिए यहाँ सिंघाड़ा प्रसंस्करण इकाई’ की स्थापना की संभावनाएं तलाशी जाएं। साथ ही, उन्होंने ‘कॉफी विद एक्सपर्ट्स’ कार्यक्रम के जरिए निवेशकों से प्रस्ताव (EOI) प्राप्त करने की बात कही।
श्री सिंह ने कहा कि स्थानीय स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों (MSME) द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को एक ठोस मार्केटिंग कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने रोजगार विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि: ITI से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को केवल प्लेसमेंट तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें स्वरोजगार की गतिविधियों से भी जोड़ें।
‘मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’ के तहत स्थानीय संस्थानों को अधिक से अधिक जोड़ें।
प्लेसमेंट के बाद युवाओं की ट्रैकिंग की जाए कि वे वास्तव में जॉब कर रहे हैं या नहीं।
बैठक में महाप्रबंधक उद्योग विनीत रजक ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत पिछले साल लक्ष्य से 34% अधिक उपलब्धि हासिल की गई है। इस साल भी 430 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य बैंकों को दे दिया गया है।
कलेक्टर ने जल्द ही एक वृहद बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं, जिसमें कृषि विश्वविद्यालय, इन्क्यूबेशन सेंटर सहित मत्स्य, पशुपालन और उद्यानिकी विभाग को भी शामिल किया जाएगा ताकि स्वरोजगार का एक साझा इकोसिस्टम तैयार हो सके।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र महाप्रबंधक विनीत रजक, उप संचालक रोजगार एम.एस. मरकाम और संभागीय ITI प्राचार्य अर्पित शुक्ला प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।




