करोड़ों की लागत से बने सामुदायिक भवन बने ‘सफेद हाथी’, जनता पूछ रही- आखिर क्यों बर्बाद हुआ सरकारी पैसा?

 शासन द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सामाजिक समरसता और सार्वजनिक कार्यों की सुविधा के लिए लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया जाता है।

जबलपुर/मझौली

लेकिन मझौली क्षेत्र में इन भवनों की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। क्षेत्र के विभिन्न वार्डों और ग्राम पंचायतों में बने ये भवन आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नियमों के मुताबिक, सामुदायिक भवनों का निर्माण इसलिए किया गया था ताकि:स्थानीय गरीब परिवारों को विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए कम खर्चे में सुरक्षित स्थान मिल सके। सामाजिक चर्चाओं, ग्राम सभाओं और सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन हो सके।

प्राकृतिक आपदा या आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को आश्रय दिया जा सके।

मझौली के कई सामुदायिक भवनों की स्थिति यह है कि निर्माण के बाद से ही उन पर ताले लटके हुए हैं। रखरखाव के अभाव में भवनों की खिड़कियां और दरवाजे टूटने लगे हैं। कई स्थानों पर इन परिसरों में असामाजिक तत्वों का डेरा रहता है या फिर इनका उपयोग केवल मवेशियों को बांधने और कबाड़ रखने के लिए किया जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब इन भवनों का उपयोग ही नहीं होना था, तो जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा इनमें क्यों लगाया गया? क्या ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से केवल बजट को ठिकाने लगाने के लिए निर्माण कार्य कराए गए? ग्रामीणों का आरोप है कि निजी आयोजनों के लिए आज भी उन्हें निजी मैरिज गार्डनों को भारी रकम देनी पड़ती है, जबकि सरकारी भवन शो-पीस बनकर रह गए हैं।

1. आखिर इन निर्मित भवनों को अब तक जनता को समर्पित क्यों नहीं किया गया?

2. भवनों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार विभाग मौन क्यों है?

3. क्या प्रशासन के पास इन भवनों के संचालन के लिए कोई ठोस कार्ययोजना है?

मझौली क्षेत्र में सरकारी संपत्तियों की यह अनदेखी न केवल वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करती है, बल्कि आम जनमानस की सुविधाओं के प्रति प्रशासनिक उदासीनता को भी दर्शाती है। यदि समय रहते इनका सही उपयोग शुरू नहीं हुआ, तो ये भवन पूरी तरह जर्जर होकर ढह जाएंगे

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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