कथित ‘फरमान’ और सड़क हादसे में 10 मौतें—प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे तीखे सवाल


छिंदवाड़ा/भोपाल
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जनसभा के बाद हालात सियासी विवाद में बदल गए हैं। एक ओर जनपद सीईओ का ‘कथित निर्देश पत्र’ सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें भीड़ जुटाने के लिए कर्मचारियों पर दबाव की बात कही जा रही है; दूसरी ओर सभा से लौटते समय हुए भीषण सड़क हादसे में 10 ग्रामीणों की मौत ने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित पत्र में मोहखेड़ जनपद पंचायत के सीईओ डी.के. करपेती के नाम से निर्देश बताए जा रहे हैं— पंचायत सचिवों व रोजगार सहायकों को अधिक से अधिक ग्रामीणों को लाने की जिम्मेदारी भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अनुपालन न होने पर **कार्रवाई की चेतावनी पत्र की प्रतिलिपि कथित तौर पर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और एसडीएम को भेजे जाने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इस दस्तावेज़ की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है
सभा के बाद लौट रहे ग्रामीणों से भरी बस की **ट्रक से आमने-सामने टक्कर हो गई।10 लोगों की मौत की पुष्टि मृतकों में एक पंचायत सचिव भी शामिल कई ग्रामीण और एक अन्य सचिव गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में उपचार जारी घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।
हादसे और कथित पत्र के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरा है। आरोप है कि “सरकारी मशीनरी का उपयोग राजनीतिक भीड़ जुटाने के लिए किया जा रहा है, और सुरक्षा की अनदेखी की कीमत जनता चुका रही है।”
विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर अब कई बिंदुओं की जांच की बात सामने आ रही है—कथित पत्र की प्रामाणिकता और स्रोत क्या कर्मचारियों पर अनुचित दबाव डाला गया? ग्रामीणों के परिवहन में वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं? हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करना
छिंदवाड़ा की यह घटना राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
एक ओर वायरल दस्तावेज़ प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है, तो दूसरी ओर 10 परिवारों का उजड़ना व्यवस्था की खामियों की ओर इशारा करता है।
अब नजर इस बात पर है कि जांच कितनी पारदर्शी होती है और क्या दोषियों पर ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।
✍️ (यह रिपोर्ट उपलब्ध सूचनाओं और वायरल दस्तावेज़ों के आधार पर तैयार की गई है; आधिकारिक पुष्टि के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है।)




