अयोध्या के राजघाट में हाहाकार: महायज्ञ के अंतिम दिन भीषण अग्निकांड,

 1251 हवन कुंड जलकर राख; VVIP मौजूदगी के बीच टला बड़ा हादसा

अयोध्या/मझौली

उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या के राजघाट क्षेत्र में चल रहे भव्य महायज्ञ के समापन अवसर पर आज खुशियों और भक्ति का माहौल अचानक चीख-पुकार में बदल गया। यज्ञ के अंतिम दिन यज्ञशाला में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे वहां निर्मित 1251 हवन कुंड जलकर खाक हो गए। धुएँ के गुबार और उठती लपटों के बीच आयोजन स्थल पर भगदड़ मच गई। राहत की बात यह रही कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और VVIP अतिथियों की मौजूदगी के बावजूद किसी जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन करोड़ों की आस्था का केंद्र बना यह महायज्ञ अग्नि की भेंट चढ़ गया।

जानकारी के अनुसार, राजघाट में यह विशाल महायज्ञ पिछले कई दिनों से पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न हो रहा था। आज यज्ञ का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन था, जिसमें पूर्णाहूति दी जानी थी।

घटनाक्रम: अचानक यज्ञशाला के एक हिस्से से चिंगारी उठी और भीषण गर्मी व हवा के झोंकों ने आग को पूरे परिसर में फैला दिया।

नुकसान: देखते ही देखते बांस और घास-फूस से बने भव्य पंडाल और 1251 हवन कुंडों को आग ने अपनी आगोश में ले लिया। श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

महायज्ञ के अंतिम दिन होने के कारण कार्यक्रम स्थल पर कई कद्दावर नेता, संत और VVIP हस्तियां मौजूद थीं। आग की तीव्रता को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत घेरा बनाकर अतिथियों और आम श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, “आग इतनी तेज थी कि संभलने का मौका ही नहीं मिला, लेकिन समय रहते रेस्क्यू (Rescue) होने से बड़ा हादसा टल गया।”

घटना की भयावहता को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला:फायर ब्रिगेड की गाड़ियां: जिले भर से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।नियंत्रण: घंटों की कड़ी मशक्कत और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक यज्ञशाला का अधिकांश हिस्सा राख के ढेर में तब्दील हो चुका था।

महायज्ञ में लगी इस आग के कारणों को लेकर अभी सस्पेंस बरकरार है। प्रशासन ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच इस बिंदु पर केंद्रित है कि क्या आग शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर हवन की प्रज्वलित अग्नि से उठी चिंगारी ने यह तांडव मचाया। इसके साथ ही, इतने बड़े धार्मिक आयोजन में फायर सेफ्टी (Fire Safety) के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

“जब लाखों की भीड़ और VVIP आने वाले थे, तो अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पहले से क्यों नहीं किए गए? क्या प्रशासन सिर्फ कागजों पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखता है?”

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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