बढ़ती महंगाई और चिलचिलाती धूप के बीच राशन कार्ड धारकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।
मझौली (जबलपुर)
सरकार ने राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए अब अप्रैल, मई और जून इन तीनों महीनों का राशन एक साथ देने का निर्णय लिया है। इस फैसले से करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अमूमन राशन कार्ड धारकों को हर महीने अनाज लेने के लिए राशन दुकान (कोटेदार) के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे न केवल उनका समय बर्बाद होता था बल्कि कई बार लंबी लाइनों में भी लगना पड़ता था। सरकार के इस ‘3 महीने एक साथ’ वाले फैसले सही
भीषण गर्मी के महीनों (मई-जून) में दुकान पर बार-बार लाइन नहीं लगानी पड़ेगी।एक साथ स्टॉक मिलने से परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी
वर्तमान समय में खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार का यह कदम सराहनीय माना जा रहा है। एक साथ 3 महीने का राशन उपलब्ध होने से गरीब तबके के लोगों को बाजार की अनिश्चितता से सुरक्षा मिलेगी और वे अपनी बचत का उपयोग अन्य घरेलू जरूरतों के लिए कर सकेंगे।
प्रशासन ने सभी राशन दुकानों को निर्देशित किया है कि:पर्याप्त स्टॉक: अप्रैल महीने की शुरुआत में ही गोदामों में 3 महीने का अनाज पहुँचाया जाए। ई-पॉश मशीन: वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह से ई-पॉश (e-PoS) मशीन के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही होगी ताकि कोई अनियमितता न हो।
चेकिंग: विभागीय अधिकारी भी दुकानों का निरीक्षण करेंगे ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को राशन से वंचित न रहना पड़े।
सरकार के इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे अधिक लाभ होगा। अब वे अप्रैल में ही अपने कोटे का 3 महीने का अनाज प्राप्त कर निश्चिंत हो सकते हैं।
(रिपोर्ट: मझौली दर्पण न्यूज़)




