2028-29 में नए परिसीमन के साथ चुनाव की तैयारी
भोपाल
मध्यप्रदेश सहित पूरे देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन (Delimitation) कराने के लिए जल्द ही नया अध्यादेश लाने की तैयारी में है। इसके बाद वर्ष 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव नए परिसीमन के तहत कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, परिसीमन के बाद देश में लोकसभा सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है— वर्तमान: 545 सीटें संभावित: 800+ सीटें (लगभग 157 सीटों की वृद्धि) यह बदलाव जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व को संतुलित करने के उद्देश्य से किया जाएगा
मध्यप्रदेश में भी परिसीमन के बाद राजनीतिक नक्शा बदल सकता है—विधानसभा सीटें वर्तमान: 230 सीटें संभावित: लगभग 297 सीटें यानी करीब 67 नई सीटों का इजाफा लोकसभा सीटें वर्तमान: 29 सीटें संभावित: करीब 40 सीटें यानी लगभग 11 सीटें बढ़ने की संभावना
परिसीमन के बाद महिला आरक्षण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा। अनुमान है कि मप्र विधानसभा में करीब 98 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं यह कदम राज्य की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई देगा।
परिसीमन का मुख्य उद्देश्य— जनसंख्या के आधार पर समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना तेजी से बढ़ते शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना लोकतंत्र को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाना
विशेषज्ञों का मानना है कि—नए परिसीमन से कई सीटों की सीमाएं बदलेंगी नए क्षेत्र जुड़ने से राजनीतिक दलों की रणनीति पूरी तरह बदल सकती है उभरते क्षेत्रों को पहली बार प्रतिनिधित्व मिलेगा
अब सभी की नजरें केंद्र सरकार के उस प्रस्तावित अध्यादेश पर टिकी हैं, जो परिसीमन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगा। अगर यह योजना लागू होती है, तो 2028-29 के चुनाव भारतीय राजनीति के सबसे बड़े बदलावों में से एक साबित हो सकते हैं।
(मझौली दर्पण न्यूज़)




