ग्रामीण विकास को नई दिशा देने और रोजगार संबंधी अधिकारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में अब अमृत सरोवर स्थलों पर “चौपाल पे चर्चा / सरोवर संवाद” कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कटनी
जिला पंचायत की सीईओ एवं अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने इस संबंध में सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
इस पहल के तहत ग्रामीणों को “विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G Act 2025)” के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि गांव-गांव में चौपाल के माध्यम से लोगों को उनके अधिकारों और योजनाओं की स्पष्ट समझ मिल सके।
सीईओ सुश्री कौर ने निर्देशित किया है कि इन कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और अमृत सरोवर जैसे सार्वजनिक स्थलों पर समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इसमें भाग ले सकें।
“चौपाल पे चर्चा” के दौरान ग्रामीणों को विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर जानकारी दी जाएगी—125 दिनों की बढ़ी हुई मजदूरी का प्रावधान रोजगार की गारंटी और उसका लाभ लेने की प्रक्रिया
अधिनियम के तहत अधिकार आधारित कानूनी प्रावधान
मजदूरों, महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति एवं कमजोर वर्गों के अधिकार इस कार्यक्रम में खास तौर पर श्रमिकों, महिलाओं, एससी-एसटी वर्ग एवं कमजोर तबकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचे।
कार्यक्रमों की पारदर्शिता और प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए सीईओ ने निर्देश दिए हैं कि सभी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण किया जाए** तथा **पंचायत निर्णय ऐप के माध्यम से जियो-टैग फोटो और वीडियो अपलोड किए जाएं।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह के संवाद कार्यक्रमों से न केवल ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर योजनाओं का अधिकतम लाभ भी उठा सकेंगे।
अमृत सरोवर अब सिर्फ जल संरक्षण का केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण और जागरूकता के भी प्रमुख मंच बनेंगे
(मझौली दर्पण न्यूज़)




