जिले में लगातार बढ़ती गर्मी के बीच ग्रामीण अंचलों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।
कटनी
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देश पर विभिन्न जनपद पंचायत क्षेत्रों में सार्वजनिक प्याऊ (पेयजल केंद्र) शुरू कर दिए गए हैं, जिससे राहगीरों और आम नागरिकों को शीतल पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
गर्मी के इस मौसम में जहां एक ओर जल संकट की समस्या गहराती जा रही है, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम लोगों को बड़ी राहत दे रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए इन प्याऊ केंद्रों पर न केवल ठंडा पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, बल्कि छाया (शेड) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है ताकि लोग आराम से रुककर पानी पी सकें।
सीईओ सुश्री कौर ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में प्याऊ लगाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जिसे अब “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत आधुनिक रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य जहां एक ओर जल संरक्षण को बढ़ावा देना है, वहीं दूसरी ओर नागरिकों को पेयजल की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन ग्राम पंचायतों में पेयजल की अधिक समस्या है, वहां प्राथमिकता के आधार पर प्याऊ स्थापित किए जाएं, ताकि कोई भी व्यक्ति पानी के अभाव में परेशान न हो
जिले के विभिन्न जनपद पंचायत क्षेत्रों में कुल 28 ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था शुरू की गई है, जिनमें प्रमुख हैं—
जनपद पंचायत कटनी: चाका, जरवाही
*रीठी: बिलहरी, देवगांव
बड़वारा: विलायत कला, बसाड़ी
विजयराघवगढ़: कोटेश्वर, सिंगोड़ी, बंजारी, टीकर, कारीतलाई, देवरा कला, भैंसवाही, गैरतलाई
बहोरीबंद: बहोरीबंद, बचैया, कुआं, कोडिया
ढीमरखेड़ा: सिलोडी, दशरमन, सिमरिया, पोड़ी खुर्द, कचनारी, सनकुई, खमरिया, खमतरा, पान उमरिया
इन सभी स्थानों पर राहगीरों और ग्रामीणों को निःशुल्क शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे तपती गर्मी में लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
प्रशासन का मानना है कि यदि इस अभियान में जनसहभागिता बढ़े, तो यह पहल और प्रभावी हो सकती है। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे इन प्याऊ केंद्रों के संचालन और रख-रखाव में सहयोग करें।
गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच यह पहल न सिर्फ राहत पहुंचा रही है, बल्कि प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता का भी उदाहरण बनकर सामने आई है।
मझौली दर्पण




