(मध्य प्रदेश): नगर परिषद मझौली में इन दिनों जल आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
मझौली जबलपुर
नगर के विभिन्न वार्डों में रहने वाले नागरिक बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, लेकिन परिषद की कार्यप्रणाली पर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जहाँ महीने में मात्र 15 दिन ही पानी की सप्लाई की जा रही है, वहीं नगर परिषद द्वारा नागरिकों से जलकर (Water Tax) पूरे महीने का वसूला जा रहा है।
नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद में इस समस्या का समाधान करने वाला या सही जानकारी देने वाला कोई उपलब्ध नहीं है। जब भी कोई निवासी पूछताछ के लिए परिषद कार्यालय पहुँचता है, तो उसे संतोषजनक जवाब मिलने के बजाय टरका दिया जाता है। विभाग के पास इस बात का कोई ठोस जवाब नहीं है कि जब सेवा आधी दी जा रही है, तो शुल्क पूरा क्यों लिया जा रहा है।
नगर के रहवासियों का कहना है कि:
अनियमित सप्लाई: पानी आने का कोई निश्चित समय नहीं है और कई बार हफ्तों तक नल सूखे रहते हैं।
आर्थिक बोझ: महंगाई के दौर में जब लोगों को निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है, तब परिषद का यह रवैया ‘जले पर नमक’ जैसा है।
पारदर्शिता की कमी: शिकायत निवारण के लिए कोई हेल्पलाइन या जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आ रहा है।
नगर परिषद की यह तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि हमें महीने में सिर्फ 15 दिन पानी मिल रहा है, तो हमें केवल उसी अनुपात में भुगतान करना चाहिए। प्रशासन को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।”




