लाइन में लगकर सिलेंडर लेने वालों को नहीं मिल रही डिलीवरी चार्ज की राहत, नियमों की अनदेखी या उपभोक्ताओं की अनभिज्ञता?
जबलपुर/
घरेलू गैस वितरण व्यवस्था में एक बड़ा विरोधाभास सामने आ रहा है। जहां नियमों के अनुसार उपभोक्ता यदि स्वयं गैस गोदाम से सिलेंडर लेकर आता है, तो उसे डिलीवरी चार्ज की छूट मिलनी चाहिए, वहीं हकीकत में कई गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं से पूरा पैसा वसूल रही हैं। इस मुद्दे को लेकर अब उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, एक 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत में लगभग ₹33.43 डिलीवरी चार्ज शामिल होता है। नियम यह कहता है कि यदि उपभोक्ता खुद गोदाम जाकर सिलेंडर लेता है, तो उसे इस राशि की छूट मिलनी चाहिए। लेकिन जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं को यह लाभ नहीं दिया जा रहा है।
कई जगहों पर उपभोक्ता घंटों लाइन में लगकर खुद सिलेंडर लेने पहुंचते हैं, फिर भी उनसे पूरा बिल वसूला जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब डिलीवरी सेवा ली ही नहीं गई, तो उसका शुल्क क्यों लिया जा रहा है?
उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसी संचालक इस नियम की जानकारी छिपाकर या नजरअंदाज कर पूरी राशि वसूल रहे हैं। कई उपभोक्ताओं को इस छूट के बारे में जानकारी ही नहीं होती, जिसका फायदा उठाया जा रहा है।
गैस वितरण से जुड़े नियमों के अनुसार, डिलीवरी चार्ज केवल होम डिलीवरी के लिए लागू होता है। यदि उपभोक्ता स्वयं सिलेंडर प्राप्त करता है, तो यह शुल्क लागू नहीं होना चाहिए और बिल में छूट मिलनी चाहिए।
इस मामले को लेकर अब उपभोक्ताओं ने प्रशासन और खाद्य विभाग से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
गैस एजेंसियों द्वारा की जा रही कथित मनमानी उपभोक्ता अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। जरूरत है कि शासन इस पर सख्त नजर रखे और उपभोक्ताओं को उनका अधिकार दिलाए, ताकि पारदर्शिता और भरोसा बना रह सके।
— मझौली दर्पण न्यूज




