उज्जैन से कोटा तक सौदेबाजी का खेल, दो आरोपी गिरफ्तार, दो फरार — पुलिस की कई राज्यों में दबिश
जबलपुर।
शहर में मानव तस्करी का एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गोहलपुर क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय युवती को पहले उज्जैन में एक युवक के हवाले किया गया और फिर वहां से राजस्थान के कोटा में दूसरे व्यक्ति को दो लाख रुपए में बेच दिया गया। पीड़िता किसी तरह जान बचाकर जबलपुर लौटी और अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
पीड़िता के अनुसार, उसने करीब 8 महीने पहले अधारताल क्षेत्र की एक कपड़े की दुकान में काम शुरू किया था। इसी दौरान उसकी पहचान जावेद नामक युवक से हुई। जावेद ने उसे अपनी परिचित पूनम से मिलवाया, जिसने उसे घूमने के बहाने उज्जैन बुलाया। 11 दिसंबर 2025 को पूनम उसे अपने साथ उज्जैन ले गई, जहां उसे करीब 15 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया।
इसके बाद युवती को ईश्वर नाम के व्यक्ति के हवाले कर दिया गया, जिसने उसे ट्रेन के जरिए राजस्थान के कोटा पहुंचाया। वहां पारस नाम के व्यक्ति को दो लाख रुपए में बेच दिया गया। आरोप है कि कोटा में युवती को जबरन एक मंदिर में ले जाकर पारस से शादी करवाई गई और उसके साथ बार-बार दैहिक शोषण किया गया।
पीड़िता ने साहस दिखाते हुए किसी तरह वहां से भागकर जबलपुर पहुंची और अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद मां-बेटी अधारताल थाने पहुंचीं, जहां पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी जावेद और पूनम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य आरोपी ईश्वर और पारस अभी फरार हैं। पुलिस टीम उनकी तलाश में उज्जैन और राजस्थान के लिए रवाना हो चुकी है।
अधारताल थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे के अनुसार, मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
यह घटना मानव तस्करी के बढ़ते नेटवर्क की भयावह तस्वीर पेश करती है। जरूरत है कि समाज और प्रशासन दोनों मिलकर ऐसे अपराधों के खिलाफ सतर्क रहें, ताकि मासूम जिंदगियां इस तरह के जाल में फंसने से बच सकें।
— मझौली दर्पण न्यूज




