जल संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “जल शक्ति से नवभक्ति” कार्यक्रम के तहत एक प्रभावी अभियान का आयोजन किया गया।
मझौली
यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में नवांकुर संस्था द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक घनश्याम रायपुरिया एवं ब्लॉक समन्वयक नूपुर खरे के निर्देशन में हुआ। आयोजन की जिम्मेदारी नवांकुर संस्था सीता शरण जी महाराज समाज कल्याण समिति, पोला द्वारा निभाई गई।
इस अभियान की खास बात यह रही कि विकासखंड मझौली के 23 ग्रामों से आई 23 महिला आचार्यों ने इसमें भाग लेकर जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से लोगों को जल के महत्व और संरक्षण के उपायों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में नगरवासियों एवं समिति के सदस्यों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
इस दौरान—जल संरक्षण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की सुरक्षा और जल बचत के उपाय बताए गए लोगों को दैनिक जीवन में पानी के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित किया गया
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि—“जल ही जीवन का आधार है, और इसके संरक्षण के बिना भविष्य की कल्पना संभव नहीं है।”
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे जल बचाने को अपनी जिम्मेदारी समझें और इसे जन आंदोलन का रूप दे
“जल शक्ति से नवभक्ति” कार्यक्रम ने मझौली क्षेत्र में जल संरक्षण को लेकर एक सकारात्मक संदेश दिया है। यदि इसी तरह सामूहिक प्रयास जारी रहे, तो आने वाले समय में जल संकट से निपटने में बड़ी मदद मिल सकती है।




