सिहोरा वन परिक्षेत्र में 35 लाख के निर्माण कार्य पर उठे सवाल, आवेदक को नहीं मिली जानकारी
मझौली जबलपुर।
सिहोरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत मझौली बीट में लगभग 35 लाख रुपए की लागत से चल रहे भवन निर्माण कार्य को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी को वन विभाग ने देने से इनकार कर दिया है, जिससे पूरे मामले में संदेह और गहरा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 10 मझौली निवासी शिवम साहू द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन प्रस्तुत कर निर्माण कार्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी गई थीं। इसमें टेंडर नोटिस, स्वीकृत अनुमान, कार्य आदेश, ठेकेदार का चयन, भुगतान विवरण और निरीक्षण रिपोर्ट जैसी अहम सूचनाएं शामिल थीं।
कार्यालय वन परिक्षेत्र अधिकारी (सामान्य) सिहोरा द्वारा जारी पत्र क्रमांक 170 दिनांक 31 जनवरी 2026 में स्पष्ट किया गया है कि मांगी गई जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(घ) एवं 7(9) के अंतर्गत आती है, इसलिए इसे उपलब्ध कराना संभव नहीं है। विभाग का तर्क है कि यह जानकारी वाणिज्यिक गोपनीयता (Commercial Confidence) से जुड़ी है, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
आरटीआई आवेदन में विशेष रूप से “बड़ा देव देवालय (जबलपुर रोड)” में चल रहे निर्माण कार्य की पूरी प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई थी। ऐसे में विभाग द्वारा जानकारी न देना कई सवाल खड़े करता है कि आखिर इस निर्माण कार्य में क्या ऐसी गोपनीयता है जिसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब निर्माण कार्य सरकारी धन से हो रहा है, तो उससे संबंधित जानकारी सार्वजनिक होना चाहिए। धारा 8(1)(घ) का उपयोग कर जानकारी छिपाना पारदर्शिता के सिद्धांत के विपरीत माना जा रहा है
सूत्रों के अनुसार, आवेदक अब इस मामले में प्रथम अपील की तैयारी कर रहा है, ताकि उच्च स्तर पर जानकारी प्राप्त की जा सके। यदि अपील में भी जानकारी नहीं मिलती है, तो मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंच सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और क्या जनता को जानकारी मिल पाती है या नहीं।
मझौली दर्पण न्यूज




