कटनी जिले के बहोरीबंद जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत प्राथमिक शाला अमंगवा में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बाकल/कटनी
यहां बच्चों की पढ़ाई शिक्षक अनुपस्थिति के कारण प्रभावित हो रही है और हालात ऐसे हैं कि शिक्षा व्यवस्था मानो भगवान भरोसे चल रही है।
जानकारी के अनुसार स्कूल में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को नियमित पढ़ाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों एवं अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक अक्सर स्कूल से नदारद रहते हैं, जिसके कारण बच्चे पूरे दिन कक्षाओं में बैठकर उनका इंतजार करते रहते हैं। कई बार तो बच्चे मध्यान्ह भोजन करने के बाद बिना पढ़ाई किए ही घर लौट जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। शिक्षकों द्वारा कभी प्रशासनिक कार्य तो कभी अन्य जिम्मेदारियों का हवाला देकर अनुपस्थिति को उचित ठहराया जाता है।
बताया जा रहा है कि एक शिक्षक को छात्रावास का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, जिसके चलते वे नियमित रूप से स्कूल में उपस्थित नहीं हो पाते। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
छात्रों ने भी आरोप लगाया कि जब शिक्षक स्कूल आते हैं, तब भी वे पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं। कुछ मामलों में तो शिक्षक की जगह अन्य व्यक्ति को पढ़ाने के लिए भेजे जाने की बात भी सामने आई है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
लगातार लापरवाही से नाराज ग्रामीणों एवं अभिभावकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि वे अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन जब शिक्षक ही अनुपस्थित रहें तो शिक्षा कैसे संभव होगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और स्कूल की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं




