विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है।


जबलपुर
जारी आदेश के अनुसार 1 अप्रैल से जिले में एलपीजी से संचालित वाहनों द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथि के बाद यदि कोई स्कूल या वाहन स्वामी एलपीजी वाहन से बच्चों का परिवहन करते पाया गया, तो इसे आदेश का उल्लंघन मानते हुए सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विद्यालय प्रबंधन और वाहन स्वामी दोनों जिम्मेदार होंगे।
कलेक्टर ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे समय रहते एलपीजी वाहनों के स्थान पर वैधानिक रूप से अनुमन्य एवं फिटनेस प्रमाणित वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को स्कूली वाहनों का विशेष सत्यापन अभियान चलाने तथा उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों को विद्यालयीन समय में आकस्मिक निरीक्षण करने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को सभी स्कूलों को आदेश से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम विद्यार्थियों की सुरक्षा और संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के मद्देनजर उठाया गया है।




