ग्रीष्मकालीन की दस्तक से पहले ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी तेज हो गई है।
कटनी ढीमरखेड़ा
जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री युजवेंद्र कोरी ने ग्राम पंचायत हरदी घुघरी और महनेर का औचक निरीक्षण कर जमीनी स्थिति की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति, नल कनेक्शन, पाइपलाइन और जल सप्लाई की वास्तविक स्थिति को परखा।
जिले में शुद्ध पेयजल उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आशीष तिवारी (कलेक्टर) और हरसिमरनप्रीत कौर (सीईओ, जिला पंचायत) ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में सीईओ कोरी ने डोर-टू-डोर संवाद कर ग्रामीणों से सीधे फीडबैक लिया और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को खामियां दूर करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में सामने आया कि कुछ स्थानों पर नल कनेक्शन और पाइपलाइन कार्य अपूर्ण हैं, जबकि जल सप्लाई की नियमितता पर भी निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। सीईओ ने स्पष्ट कहा कि हस्तांतरण से पहले सभी कार्य **गुणवत्तापूर्ण और पूर्ण** होना अनिवार्य है। उल्लेखनीय है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पूर्ण की गई परियोजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है, ऐसे में अंतिम चरण की कमियां दूर करना प्राथमिकता है।
सीईओ कोरी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि गर्मी के चरम पर किसी भी गांव में पेयजल संकट स्वीकार्य नहीं होगा। जल स्रोतों की नियमित मॉनिटरिंग, मोटर-पंप की समय पर मरम्मत और सप्लाई शेड्यूल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान जनपद स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने भी पेयजल व्यवस्था को लेकर अपनी अपेक्षाएं रखीं और नियमित सप्लाई की मांग की। प्रशासन की इस सक्रियता से संकेत मिल रहा है कि इस बार गर्मी में पानी को लेकर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई संभव है।




