विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने सिहोरा में मंदिर में कथित तोड़फोड़ और हिंसा की घटना को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।


जबलपुर/कटंगी
संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में आरोप लगाया कि आरती के समय कुछ लोगों ने मंदिर परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की, मूर्ति खंडित की और बाहर लगी ग्रिल तोड़ी। साथ ही पथराव, पेट्रोल बम और हथियारों से हमले के आरोप भी लगाए गए हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि घटना के बाद पुलिस कार्रवाई में मंदिर समिति से जुड़े लोगों को ही आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया, जबकि संगठन का दावा है कि वे पीड़ित पक्ष हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर “निर्दोषों की रिहाई” की मांग उठाई है।
संगठन ने यह भी प्रश्न उठाया कि कथित रूप से एक धार्मिक स्थल के भीतर बड़ी मात्रा में पत्थर, कांच की बोतलें और पेट्रोल बम कैसे पहुंचे। उनके अनुसार, यदि यह पूर्व नियोजित साजिश थी तो प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी ज्ञापन में आपत्ति दर्ज कराई गई है। संगठन का कहना है कि अन्य स्थानों के वीडियो सिहोरा की घटना से जोड़कर प्रसारित किए जा रहे हैं, जिससे “हिन्दू समाज को बदनाम” किया जा रहा है। उन्होंने भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
इसके अतिरिक्त, मंदिर के जीर्णोद्धार, कथित झूठी शिकायत करने वालों पर प्रकरण दर्ज करने और विश्व हिन्दू परिषद–बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर लगे आरोपों की समीक्षा की मांग की गई है।
ज्ञापन पर रघुराज यादव सहित कई स्थानीय पदाधिकारी रहे उपस्थित




