जिले की तहसील गुढ़ में भ्रष्टाचार का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है।
रीवा
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) रीवा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसीलदार के कम्प्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी एक किसान की बेटी के EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाण पत्र के सत्यापन के बदले खुलेआम घूस मांग रहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नर्रहा निवासी कृषक बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी ने अक्टूबर 2024 में अपनी बेटी के EWS प्रमाण पत्र के सत्यापन हेतु तहसील कार्यालय गुढ़ में आवेदन किया था। आवेदन बालाघाट कार्यालय से सत्यापन के लिए भेजा गया, लेकिन कम्प्यूटर ऑपरेटर ने जानबूझकर प्रक्रिया रोक दी और 10 हजार रुपये की अवैध मांग करने लगा।
पीड़ित की शिकायत पर EOW रीवा ने योजनाबद्ध जाल बिछाया। 19 जनवरी 2026 को जैसे ही आरोपी ने तहसील कार्यालय में रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर धर दबोचा। इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया।
EOW रीवा की टीम ने इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसमें निरीक्षक प्रियंका पाठक, निरीक्षक हरीश त्रिपाठी, उप निरीक्षक गरिमा त्रिपाठी, भावना सिंह, रुचिका सूर्यवंशी, उप निरीक्षक संतोष पाण्डेय, प्रधान आरक्षक पुष्पेन्द्र पटेल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।




