पीएम श्री योजना के तहत अपग्रेड किए जा रहे शासकीय माध्यमिक कन्याशाला स्कूल मझौली परिसर में चल रही खुदाई के दौरान मिट्टी से प्राचीन मूर्तियाँ निकलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
मझौली (जबलपुर)
स्कूल भवन विस्तार एवं अन्य निर्माण कार्य के लिए की जा रही खुदाई में अचानक मूर्तियों के अवशेष सामने आए, जिन्हें देखकर मजदूरों और स्थानीय लोगों में कौतूहल के साथ चिंता भी देखी गई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मूर्तियाँ देखने में प्राचीन प्रतीत हो रही हैं, जिससे यह आशंका गहराई है कि यह स्थल पुरातात्विक महत्व का हो सकता है। इसके बावजूद, खुदाई कार्य बिना किसी आधिकारिक निरीक्षण के जारी रहने की बात सामने आ रही है, जो नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी निर्माण में यदि पुरावशेष या मूर्तियाँ मिलती हैं, तो तत्काल कार्य रोककर पुरातत्व विभाग एवं जिला प्रशासन को सूचित करना अनिवार्य है। लेकिन मझौली में इन नियमों की अनदेखी होने के आरोप लग रहे हैं।
स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि खुदाई कार्य तत्काल रोका जाए, मौके पर पुरातत्व विशेषज्ञों की टीम भेजी जाए और मूर्तियों की वैज्ञानिक जांच कराई जाए। साथ ही यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि पीएम श्री जैसी राष्ट्रीय योजना के तहत हो रहे निर्माण में संरक्षण बनाम विकास का संतुलन क्यों नहीं रखा गया।




