राज्य शासन के निर्देशानुसार जबलपुर जिले में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन सोमवार एक दिसम्बर से शुरू किया जायेगा।
जबलपुर
#धान_उपार्जन के लिए जिले में 55 खरीदी केन्द्र स्थापित किये गये हैं। खरीदी केन्द्रों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई है। किसानों से धान कॉमन 2 हजार 369 रूपये प्रति क्विंटल तथा धान ग्रेड-ए 2 हजार 389 रूपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदी जायेगी। किसानों से उपार्जन केन्द्रों पर धान की खरीदी सप्ताह में पांच दिन सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक की जायेगी।
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने उपार्जन व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को वास्तविक किसानों से और एफएक्यू क्वालिटी का धान का उपार्जन करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने खरीदी व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करने वाले बिचौलियों अथवा व्यापारियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये हैं। श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा है कि खरीदी केन्द्रों पर किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाये। प्रत्येक खरीदी केन्द्रों पर एफएक्यू मापदंड के नमूने प्रदर्शित करने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिये हैं।
कलेक्टर ने किसानों से भी अपील की है कि किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए साफ-सफाई कर एवं सुखाकर ही अपनी उपज विक्रय हेतु उपार्जन केन्द्रों पर लेकर आयें। उन्होंने किसानों से अपना बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर आधार से लिंक कराने के बाद ही स्लॉट की बुकिंग करने तथा उपज की तुलाई के बाद उपार्जन केन्द्र से तौल पर्ची और उपार्जन पोर्टल की पावती प्राप्त करने का आग्रह भी किया है।
कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों से धान का उपार्जन स्लॉट बुकिंग के आधार पर किया जायेगा। किसान स्लॉट की बुकिंग www.mpeuparjan.nic.in पर कर सकेंगे। किसान उपार्जन अवधि के आखिरी दस दिन को छोड़कर स्लॉट बुक कर सकेंगे। स्लॉट बुकिंग की अवधि सात दिन की होगी। संबंधित उपार्जन केन्द्र की तौल क्षमता अनुसार स्लॉट की बुकिंग की जायेगी। किसानों को स्लॉट की बुकिंग विक्रय की जाने वाली पूरी मात्रा के लिए करनी होगी। आंशिक स्लॉट बुकिंग अथवा उपज का आंशिक विक्रय नहीं किया जा सकेगा।
किसानों द्वारा स्लॉट बुक करनें के समय पोर्टल पर उनके उस आधार लिंक बैंक खाता नंबर एवं बैंक का नाम प्रदर्शित होगा, जिस पर समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का भुगतान किया जाना है। पोर्टल पर प्रदर्शित बैंक खाते को किसानों को अपने बैंक खाते की पासबुक से मिलान करना होगा और उनके द्वारा इसका सत्यापन करने के बाद ही स्लॉट की बुकिंग हो सकेगी। यदि किसान किसी अन्य बैंक खाते में उपज का भुगतान चाहता है तो उसे अपना नवीन बैंक खाता आधार से लिंक कराना होगा, उसके बाद ही स्लॉट बुकिंग हो सकेगी।




