अनुपयोगी एवं खुले नलकूपों व बोरवेल में छोटे बच्चों के गिरने की घटनाओं को देखते हुये सतर्कता के बतौर जबलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे करवाकर ऐसे 1हजार 119 बोर वेल की पुख्ता तौर पर बंद होने की पुष्टि कराई गई है जिन्हें अनुपयोगी और असफल पाया गया था ।
जबलपुर
जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज सिंह के मुताबिक जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती जयति सिंह द्वारा जनपदों के माध्यम से जिले की सभी 527 ग्राम पंचायतों में बोरवेल, ट्यूब बेल का सर्वे कराया गया है । उन्होंने बताया सर्वे के दौरान 31 हजार 086 बोरवेल में से ऐसे 1 हजार 119 असफल बोरवेल के सुरक्षित होने की पुष्टि कराई गई जिनको कैपिंग कराकर बंद किया जा चुका है ।
श्री सिंह के अनुसार सावधानी के बतौर इन असफल बोर वेल का दुबारा भी सर्वे कराकर उनके पुख्ता तरीके से बंद (केप्ड) होने की पुष्टि संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कराई गई । जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से इन सभी असफल बोर वेल के सुरक्षित होने का प्रमाण पत्र भी लिया गया है । इसके साथ ही असफल और असुरक्षित बोरवेल के पुख्ता तरीके से बंद होने के प्रमाण की पुष्टि हेतु जियो टैग फोटो भी कराई गई है।
अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्र में निवास कर रहे नागरिकों से अपील भी की है कि यदि उन्हें कहीं से भी खुले बोर की जानकारी प्राप्त होती है तो इसकी सूचना तत्काल सबंधित जनपद पंचायत अथवा जिला पंचायत को दें । उन्होंने बताया कि नागरिकों द्वारा खुले बोर वेल की सूचना सीएम हेल्पलाइन में भी दी जा सकती है।
असुरक्षित बोर वेल की सूचना देने सीएम हेल्पलाइन में नया मॉड्यूल :-
जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ मनोज सिंह ने बताया कि खुले बोर वेल से सबंधित दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के उद्देश्य से राज्य शासन ने सीएम हेल्पलाइन एप्लिकेशन में एक नया मॉड्यूल भी शामिल किया है । सीएम हेल्पलाईन एप्लिकेशन को कोई भी नागरिक गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड और इंस्टाल कर सकता है । सीएम हेल्पलाइन एप्लिकेशन डाउनलोड करने के बाद नागरिक “बोर वेल शिकायत खोलें” विकल्प पर जाकर और निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर खुले बोर वेल की सूचना दे सकता है । सूचना देने वाले को एसएमएस से शिकायत आईडी भी प्राप्त होगी । नागरिकों से प्राप्त इस सूचना को सबंधित विभाग द्वारा तुरंत कार्यवाही की जायेगी ।




