कटंगी और मझौली क्षेत्र में पिछले दो दिनों से पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत बनी हुई है।
मझौली/ जबलपुर
क्षेत्र के अधिकांश पेट्रोल पंप पूरी तरह से खाली हो चुके हैं, जिससे आम जनता और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के प्रमुख पेट्रोल पंपों पर पिछले 48 घंटों से ईंधन की आपूर्ति ठप है। स्थिति यह है कि पंप संचालकों ने मुख्य गेट पर ही **’स्टॉक खत्म है’ या पेट्रोल नहीं है’ के बोर्ड लगा दिए हैं। जो वाहन चालक दूर-दराज के गांवों से पेट्रोल की उम्मीद में शहर आ रहे हैं, उन्हें खाली हाथ या पैदल ही वापस लौटना पड़ रहा है।
पेट्रोल के इस संकट ने केवल आवागमन ही नहीं, बल्कि अन्य गतिविधियों को भी प्रभावित किया है:
छात्र और कर्मचारी: समय पर स्कूल, कॉलेज और ऑफिस पहुंचने में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
इमरजेंसी सेवाएं: निजी वाहनों से अस्पताल जाने वाले मरीजों के परिजनों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
खेती-किसानी: वर्तमान सीजन को देखते हुए किसानों को ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों के लिए डीजल की जरूरत है, लेकिन आपूर्ति न होने से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
एक ओर जहां अधिकृत पंपों पर पेट्रोल नहीं मिल रहा है, वहीं चर्चा है कि कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में किराना दुकानों और छोटे ठिकानों पर ऊंचे दामों में पेट्रोल की अवैध बिक्री शुरू हो गई है। लोग मजबूरी में 120 से 150 रुपये प्रति लीटर तक पेट्रोल खरीदने को मजबूर हैं
सूत्रों की मानें तो मुख्य डिपो से ही आपूर्ति में देरी या टैंकरों के न पहुंचने की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। हालांकि, अभी तक प्रशासन या तेल कंपनियों की ओर से इस किल्लत को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
दो दिनों से पंपों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर जगह मना कर दिया जाता है। प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए।—परेशान स्थानीय निवासी*
प्रशासन और संबंधित विभाग जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करें ताकि जनता को राहत मिल सके।




