लोकायुक्त कांड में महा-एक्शन: हेड कॉन्स्टेबल बर्खास्त, संविदा ड्राइवर की सेवा समाप्त; स्टिंग ऑपरेशन के बाद हड़कंप

लोकायुक्त संगठन में कथित भ्रष्टाचार और अनैतिक सांठगांठ के मामले में प्रशासनिक हंटर पूरी क्रूरता से चला है।

भोपाल/जबलपुर

शुक्रवार को एक बड़े घटनाक्रम में लोकायुक्त मुख्यालय भोपाल ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए हेड कॉन्स्टेबल यशवंत सिंह ठाकुर को शासकीय सेवा से सीधे बर्खास्त कर दिया है। वहीं, मामले में सह-आरोपी संविदा वाहन चालक अमित विश्वकर्मा की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त (Terminated) कर दी गई हैं।

‘दैनिक भास्कर’ के सनसनीखेज स्टिंग ऑपरेशन के बाद शुरू हुई इस आंतरिक जांच ने अब संगठन के भीतर हड़कंप मचा दिया है।

 “जनता का भरोसा तोड़ा” — मुख्यालय के आदेश में सख्त टिप्पणी

लोकायुक्त मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में दोनों कर्मचारियों के आचरण को अत्यंत गंभीर माना गया है। आदेश में साफ कहा गया है कि इन दोनों का कृत्य लोकायुक्त जैसी भ्रष्टाचार निरोधक संस्था की छवि को धूमिल करने वाला और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में आम जनता के विश्वास को गहरा आघात पहुंचाने वाला था। विभागीय जांच में प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने के बाद यह बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की गई है।

 स्टिंग ऑपरेशन से खुली थी ‘काले कारनामों’ की पोल

गौरतलब है कि पूरा मामला मीडिया समूह ‘दैनिक भास्कर’ के एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद उजागर हुआ था। इस स्टिंग में लोकायुक्त संगठन के ही कुछ जिम्मेदार चेहरे भ्रष्टाचार के मामलों को रफा-दफा करने या उनमें अनुचित लाभ लेने की सौदेबाजी करते हुए बेनकाब हुए थे।

तथ्य सामने आते ही लोकायुक्त के शीर्ष अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। शुक्रवार को हुई बर्खास्तगी इसी जांच रिपोर्ट का पहला बड़ा नतीजा है।

 दो DSP पहले ही नपे, अब बड़े अफसरों पर टिक गईं निगाहें

लोकायुक्त कांड में यह कोई पहली गाज नहीं है, बल्कि कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है:

 दो DSP हटाए गए:इससे पहले मामले की आंच में दो उपाधीक्षक (DSP) स्तर के बड़े अधिकारियों को लाइनहाजिर/हटाया जा चुका है।

 कर्मचारी सस्पेंड: मुख्यालय द्वारा कई अन्य संदिग्ध कर्मचारियों को पहले ही निलंबित (Suspend) किया जा चुका है।

 अब क्या? हेड कॉन्स्टेबल की बर्खास्तगी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या जांच की आंच संगठन के कुछ अन्य रसूखदार और वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंचेगी? सूत्र बताते हैं कि जांच दल के रडार पर कई और नाम हैं।

लोकायुक्त संगठन द्वारा अपने ही महकमे पर की गई इस ‘क्लीनिंग ड्राइव’ ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में अपनों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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