गाँव-गाँव बदलेगी पंचायतों की सूरत: ‘विशेष अभियान 6.0’ से सुंदर बनेंगे पंचायत भवन, फाइलों के अंबार और कबाड़ से मिलेगी मुक्ति

 2 से 31 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी अभियान; स्क्रैप निपटान के साथ तय समय-सीमा में निपटेंगी लंबित जन शिकायतें

* दीवारों पर उकेरी जाएंगी सांस्कृतिक कृतियां, परिसर में महकेंगे पौधे; स्वच्छता दूतों का होगा सार्वजनिक सम्मान

नई दिल्ली

देश की ग्रामीण शासन व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले पंचायत भवनों की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने जा रही है। पंचायती राज संस्थाओं को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से पूरे देश में ‘विशेष अभियान 6.0’ (Special Campaign 6.0) पूरे जोर-शोर से शुरू हो गया है। 2 अक्टूबर से शुरू हुआ यह व्यापक अभियान आगामी 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान का मूल मंत्र है—स्वच्छ परिसर, व्यवस्थित कार्यालय और समयबद्ध जनसेवा। इसके तहत पंचायत भवनों को केवल फाइलों के दफ्तर से ऊपर उठाकर एक स्वागतयोग्य, हरित और नागरिक-हितैषी सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

दफ्तरों से हटेगा वर्षों पुराना कबाड़, कार्यस्थल होंगे सुव्यवस्थित

अक्सर पंचायत कार्यालयों में पुरानी और रद्दी फाइलों, टूटे फर्नीचर और अनुपयोगी सामानों का अंबार देखने को मिलता था। अभियान के पहले चरण में ऐसे सभी अनुपयोगी सामान (स्क्रैप) की सूची तैयार कर सरकारी गाइडलाइन के अनुसार उनका निस्तारण किया जा रहा है। इस कदम से न केवल कार्यालयों में खाली जगह बनेगी, बल्कि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन और बेहतर रखरखाव से कर्मियों की कार्यकुशलता में भी इजाफा होगा।

सांस्कृतिक धरोहर और हरियाली से सजेगा हर कोना

अभियान की अनूठी बात यह है कि इसमें स्थानीय संसाधनों और सामुदायिक भागीदारी पर खास बल दिया गया है:

 * पारंपरिक कला का प्रदर्शन: भवनों की दीवारों पर प्रेरणादायक स्लोगन, सरकारी योजनाओं की जानकारी और क्षेत्र की लोककला को दर्शाते चित्र उकेरे जा रहे हैं।

 * हरित गलियारे: परिसरों में गमलों के जरिए फूलों की क्यारियां और स्थानीय समुदाय के सहयोग से छायादार व फलदार पौधों का रोपण किया जा रहा है।

   उद्देश्य यह है कि जब कोई ग्रामीण अपने काम के लिए पंचायत पहुंचे, तो उसे एक सकारात्मक और सम्मानजनक माहौल का अहसास हो।

टेबल-टू-टेबल समीक्षा: जनसुनवाई और आवेदनों के त्वरित निपटारे पर जोर

अभियान केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा सरोकार ग्रामीणों की समस्याओं से है। इसके तहत:

 * महीनों से अटके म्यूटेशन, प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड व पेंशन से जुड़े आवेदनों की विशेष समीक्षा की जा रही है।

 * प्रत्येक शिकायत के निपटारे के लिए समय-सीमा तय की गई है, ताकि ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

 * ऑनलाइन पोर्टल्स और ऑफलाइन रजिस्टर के समन्वय से निस्तारण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा रहा है।

सफाई मित्रों को मिलेगा उचित मंच और सम्मान

अभियान के अंतर्गत उन स्वच्छता कर्मियों और सफाई मित्रों को सम्मानित करने का विशेष निर्देश है, जो दिन-रात गांव और कार्यालयों को स्वच्छ रखने में रीढ़ की तरह काम करते हैं। पंचायत स्तर पर आयोजित विशेष आयोजनों में उन्हें प्रमाण-पत्र और प्रोत्साहन देकर उनके योगदान की सार्वजनिक सराहना की जाएगी।

 “सुशासन की शुरुआत गाँव की चौखट से होती है। जब पंचायत भवन साफ, व्यवस्थित और संवेदनशील होंगे, तभी अंतिम छोर पर खड़े ग्रामीण को पारदर्शी शासन का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।”

 — पंचायती राज मंत्रालय

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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