उमरिया ढिरहा में बेखौफ खनन माफिया: निजी जमीन की आड़ में 20 हेक्टेयर सरकारी पहाड़ छलनी, सरपंच पुत्र पर अवैध उत्खनन के आरोप

 तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, 5 साल से चल रहे मुरम के काले कारोबार की राजस्व-खनिज विभाग से संयुक्त जांच की मांग

* 30 मकानों व हाईटेंशन बिजली लाइन पर मंडराया संकट, ग्रामीणों ने लगाए अधिकारियों से सांठगांठ के आरोप

मझौली (जबलपुर)

प्रशासनिक अमले की नाक के नीचे सरकारी संपदा की खुली लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मझौली तहसील अंतर्गत ग्राम उमरिया ढिरहा में कथित तौर पर निजी जमीन की आड़ लेकर 20 हेक्टेयर में फैली बेशकीमती शासकीय भूमि (खसरा नंबर 79/1) को जेसीबी और पोकलेन मशीनों से दिन-रात छलनी किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच पुत्र सत्येंद्र राजपूत और विपिन राजपूत द्वारा पिछले पांच वर्षों से बिना किसी वैध खनन अनुमति (माइनिंग लीज) और परिवहन पास (टीपी) के अवैध मुरम का बड़ा कारोबार संचालित किया जा रहा है। मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसीलदार मझौली के समक्ष शिकायती आवेदन पेश कर तत्काल रोक और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

निजी जमीन का मुखौटा, सरकारी खजाने पर डाका

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने गांव में कुछ निजी रकबा खरीदा और उसी की आड़ में सीमांकन के नियमों को ताक पर रखकर बगल में स्थित पटवारी हल्का नंबर 42 की शासकीय पहाड़ी और जमीन से अवैध खुदाई शुरू कर दी। सैकड़ों डंपर मुरम प्रतिदिन बिना किसी रायल्टी और खनिज पास के खुले बाजार में बेची जा रही है, जिससे शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगने का अनुमान है।

‘अफसर हमारी जेब में हैं’—दबंगई से सहमे ग्रामीण

आवेदन में ग्रामीणों ने अत्यंत संवेदनशील और गंभीर आरोप लगाते हुए उल्लेख किया है कि विरोध करने पर खननकर्ता खुलेआम धमकी और धौंस देते हैं। ग्रामीणों के समक्ष कथित तौर पर यह दावा किया जाता है कि “अधिकारी-कर्मचारी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, सबको पैसा जाता है; पटवारी बिना हमारी मर्जी के ऊपर सूचना तक नहीं देगा।” ग्रामीणों ने मांग की है कि इस कथित मिलीभगत और ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों की निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्थानीय राजस्व अमले ने अब तक इस पर चुप्पी क्यों साध रखी थी।

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा: 30 घरों और बिजली पोलों की नींव हिली

धरती का सीना चीरकर बनाए गए गहरे-गहरे गड्ढों ने पूरे क्षेत्र के भूगोल को बिगाड़ कर रख दिया है। उत्खनन स्थल से महज कुछ ही दूरी पर:

 * 20 से 30 परिवार अपने कच्चे-पक्के मकानों में निवास करते हैं, जिनके नीचे की मिट्टी खिसकने का खतरा पैदा हो गया है।

 * क्षेत्र से गुजरने वाले विद्युत लाइन के खंभों के आधार को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है।

   आगामी बारिश या भूस्खलन की स्थिति में यहां बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों का अल्टीमेटम: कार्रवाई नहीं हुई तो जाएंगे न्यायालय

ज्ञापन सौंपने वालों में नवल सिंह राजपूत, प्रमोद ठाकुर, रामाधार सिंह राजपूत, राजेश और रतिराम कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने 5 प्रमुख मांगें रखी हैं:

 * संयुक्त सीमांकन: राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर शासकीय खसरा 79/1 और निजी भूमि का तत्काल सीमांकन करे।

 * मशीनों की जब्ती: मौके पर संचालित पोकलेन और जेसीबी को तत्काल जब्त कर अवैध खनन पर पूर्ण विराम लगाया जाए।

 * राजस्व वसूली: 5 साल में निकाली गई मुरम का वैज्ञानिक आकलन कर करोड़ों की पेनल्टी व वसूली की जाए।

 * कर्मचारियों की जांच: जानकारी होने के बावजूद आंख मूंदने वाले संबंधित मैदानी कर्मचारियों की भूमिका तय हो।

 * सुरक्षा के उपाय: रिहायशी बस्ती और विद्युत खंभों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गोरखधंधे पर कड़ा प्रहार नहीं किया और निष्पक्ष जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की, तो वे संभागायुक्त, कलेक्टर जबलपुर और आवश्यकता पड़ने पर माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

Latest News

Stay Connected

0FansLike
30FollowersFollow
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Most View