हाईकोर्ट के आदेश की आड़ में पक्षपात का आरोप: भाजपा नेता के कथित अवैध कब्जे पर चुप्पी और चबूतरे पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर गरमाई सियासत

मझौली में संत रविदास जी की प्रतिमा हटाने पहुंचे प्रशासनिक अमले को बसपा व ग्रामीणों के भारी हंगामे के बाद बैकफुट पर प्रशासन, निष्पक्ष सीमांकन के आश्वासन पर थमा बवाल

 * चौधरी समाज और बसपा कार्यकर्ताओं ने घेरा प्रशासनिक अमला, बैरंग लौटी टीम; क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति

मझौली (जबलपुर)।

मझौली नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 5 में शासकीय भूमि से संत शिरोमणि रविदास जी की प्रतिमा और चबूतरा हटाने पहुंचे प्रशासनिक अमले को स्थानीय नागरिकों और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाओं और ग्रामीणों के उग्र तेवरों के आगे प्रशासन को बुलडोजर कार्रवाई रोककर पीछे हटना पड़ा।

हाईकोर्ट के निर्देश पर पहुंचा था भारी अमला

विवाद खसरा नंबर 338 (रकबा 0.073 हेक्टेयर) शासकीय भूमि से जुड़ा है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में दायर जनहित याचिका क्रमांक 7202/2026 (राजेश साहू विरुद्ध म.प्र. शासन व अन्य) के अनुपालन में मझौली तहसीलदार ने 3 अक्टूबर को एक संयुक्त दल का गठन किया था। आदेश के तहत पटवारियों और कोटवारों की टीम को पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर चौधरी समाज द्वारा निर्मित चबूतरा व प्रतिमा हटाने की जिम्मेदारी दी गई थी।

“भाजपा नेता के कब्जे पर खामोशी क्यों?” — बसपा का सीधा वार

तहसीलदार, मझौली थाना प्रभारी और नगर पालिका अमले के मौके पर पहुंचते ही पाटन विधानसभा क्षेत्र के बसपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय चौधरी समाज ने मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर राजनीतिक दबाव और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

ग्रामीणों व बसपा नेताओं का कहना था कि जिस भूमि को मुक्त कराने के लिए प्रशासन सक्रियता दिखा रहा है, उसी शासकीय भूमि के एक बड़े हिस्से पर याचिकाकर्ता व भाजपा नेता राजेश साहू ने अपनी राइस मिल खड़ी कर अवैध कब्जा कर रखा है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि रसूखदार के निर्माण पर बुलडोजर चलाने के बजाय केवल धार्मिक चबूतरे को निशाना क्यों बनाया जा रहा है।

निष्पक्ष सीमांकन की मांग पर सौंपा ज्ञापन

हंगामे के दौरान बसपा पदाधिकारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि जब तक पूरी शासकीय भूमि का पारदर्शी सीमांकन नहीं होता, तब तक किसी भी धार्मिक स्थल या प्रतिमा को छूने नहीं दिया जाएगा।

प्रमुख मांगें:

 * संपूर्ण खसरा नंबर 338 की निष्पक्ष शासकीय सीमा तय की जाए।

 * मिल के नाम पर किए गए कथित अवैध निर्माण की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई हो।

 * किसी वर्ग विशेष को लक्षित कर की जा रही एकतरफा कार्रवाई पर तुरंत रोक लगे।

प्रदर्शन में बसपा जोन प्रभारी शरण चौधरी, जिला कोषाध्यक्ष राधे लाल, विधानसभा अध्यक्ष दयाराम अहिरवार, नगर अध्यक्ष दिनेश अहिरवार, अनावेदक पक्ष से बबीता व ललित चौधरी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय ग्रामीण शामिल रहे।

आश्वासन के बाद बैरंग लौटा अमला

सैकड़ों ग्रामीणों के आक्रोश और संभावित टकराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोक दी। अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया कि राजस्व दल द्वारा पहले संपूर्ण शासकीय भूमि का निष्पक्ष सीमांकन कराया जाएगा और दोनों पक्षों की जांच के बाद ही आगे कोई कदम उठाया जाएगा। इसके बाद ही प्रदर्शनकारी शांत हुए और अमला वापस लौटा। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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