खबर का असर:  फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद आखिरकार भरा गया गुबरा-सिहोरा मार्ग का जानलेवा गड्ढा

दफ्तर में बैठकर लोकपथ ऐप पर ‘डिजिटल लीपापोती’ करने वाले उप यंत्री की खुली पोल; गड्ढा तो भरा, पर दोषियों पर एफआईआर की मांग पर अड़े ग्रामीण

मझौली (जबलपुर)।

कागजों में सड़क चकाचक और जमीन पर मौत का कुआं—लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) उप संभाग मझौली के इस डिजिटल फर्जीवाड़े का पर्दाफाश होते ही प्रशासनिक महकमे में ऐसा हड़कंप मचा कि जिम्मेदार अधिकारियों को आनन-फानन में धरातल पर उतरना ही पड़ा। ‘लोकपथ ऐप’ पर दूसरे स्थान की फर्जी तस्वीर अपलोड कर केस बंद करने वाले उप यंत्री और मैदानी अमले को आखिरकार रविवार को अपनी गलती सुधारनी पड़ी। भारी जनआक्रोश और मीडिया में खबर उछलने के बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर गुबरा-सिहोरा मार्ग के उस जानलेवा गड्ढे में डामर-गिट्टी डालकर पक्का भराव किया।

कार्रवाई का पूरा लेखा-जोखा

 * धरातल पर वास्तविक मरम्मत: रविवार दोपहर पीडब्ल्यूडी का तकनीकी अमला भारी लाव-लश्कर, गिट्टी और डामर के साथ गुबरा-सिहोरा मार्ग पहुंचा और गड्ढे का पैचवर्क पूरा किया।

 * डिजिटल रिकॉर्ड का सुधारीकरण: लोकपथ ऐप पर पहले अपलोड की गई फर्जी फोटो को हटाकर अब मौके की नई, वास्तविक और सही जियो-टैग्ड तस्वीर के साथ केस को फिर से अपडेट किया जा रहा है।

 * राहगीरों ने ली राहत की सांस: पिछले कई दिनों से रात के अंधेरे में हादसों का शिकार हो रहे दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क दुरुस्त होने पर संतोष जताया है।

गड्ढा भरा, लेकिन भ्रष्टाचार का सवाल बरकरार

भले ही फजीहत से बचने के लिए पीडब्ल्यूडी ने आनन-फानन में गड्ढा भर दिया हो, लेकिन स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह केवल काम में देरी का मामला नहीं, बल्कि सरकारी पोर्टल पर फर्जीवाड़ा कर बजट ठिकाने लगाने का संगठित अपराध है।

जनता की प्रमुख मांगें:

 * दोषियों पर एफआईआर हो: दफ्तर में बैठकर फर्जी फोटो अपलोड करने वाले उप यंत्री और संबंधित मैदानी स्टाफ के खिलाफ धोखाधड़ी (420) और पदीय दायित्वों के उल्लंघन का केस दर्ज किया जाए।

 * विभागीय निलंबन: केवल गड्ढा भर देने से अपराध कम नहीं होता; फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए।

 * विशेष ऑडिट की मांग: लोकपथ ऐप पर पिछले 6 महीनों में ‘निराकृत’ दिखाए गए सभी मामलों की जियो-लोकेशन और टाइम-स्टैम्प की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि बाकी फर्जीवाड़ों की पोल भी खुल सके।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस डिजिटल धांधली को अंजाम देने वाले लापरवाह अफसरों पर सख्त कार्रवाई का चाबुक चलाता है या गड्ढा भरने की आड़ में पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

Latest News

Stay Connected

0FansLike
30FollowersFollow
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Most View