मप्र पुलिस आरक्षक (बैंड) भर्ती में भारी गड़बड़ी के आरोप: ग्राउंड टेस्ट पास करने के बाद भी सूची से अभ्यर्थियों के नाम गायब, PHQ के ही पत्र ने खोली चयन प्रक्रिया की पोल

विज्ञप्ति और विभागीय पत्र में 3 गुना (2037) अभ्यर्थियों को बुलाने का था नियम, रिजल्ट में मात्र 1270 ही किए गए पास

 * ग्राउंड पर पासिंग शीट में हस्ताक्षर कराने के बावजूद परिणाम सूची से रोल नंबर गायब होने का आरोप

 * आरक्षण रोस्टर और कट-ऑफ निर्धारण पर उठे सवाल, RTI के जरिए अभ्यर्थियों ने मांगा जवाब

भोपाल।

कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक, विशेष सशस्त्र बल (SAF), पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा आयोजित पुलिस आरक्षक (बैंड) के 679 पदों की सीधी भर्ती प्रक्रिया गंभीर विवादों के घेरे में आ गई है। 12 अगस्त को जारी परिणाम के बाद चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राउंड टेस्ट में उत्तीर्ण घोषित होकर आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले कई योग्य अभ्यर्थियों के नाम अंतिम सूची से नदारद हैं, वहीं विभाग द्वारा तय नियमों के अनुसार 3 गुना उम्मीदवारों को बुलाने की शर्त का भी खुला उल्लंघन सामने आया है।

PHQ के ही आधिकारिक पत्र ने खोली पोल

भर्ती विज्ञापन के स्पष्ट प्रावधान के अनुसार, विज्ञापित 679 पदों के सापेक्ष 3 गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण (साक्षात्कार) हेतु चयनित किया जाना था। इस नियम की पुष्टि खुद पुलिस मुख्यालय के पत्राचार से होती है।

 * पत्र का हवाला: सहायक पुलिस महानिरीक्षक (विसबल) द्वारा 05 अगस्त 2026 को एमपी ऑनलाइन को भेजे गए पत्र (क्रमांक 907/2026) में स्पष्ट लिखा गया था कि 20 से 23 अगस्त तक होने वाले साक्षात्कार में लगभग 2,037 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

 * आंकड़ों का खेल: विभाग ने प्रतिदिन लगभग 500 अभ्यर्थियों के मान से एडमिट कार्ड लाइव करने के निर्देश दिए थे, लेकिन 12 अगस्त को जारी परिणाम में अचानक यह संख्या सिमटकर मात्र 1,270 रह गई।

 * सीधा सवाल: जब मुख्यालय स्तर पर 2,037 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार की तैयारी थी, तो शेष 767 पात्र पदों का कोटा अचानक किस नियम के तहत समाप्त कर दिया गया?

पासिंग शीट पर हस्ताक्षर, फिर भी परिणाम से बाहर

भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत 24 जुलाई से 06 अगस्त 2026 तक लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित स्किल टेस्ट एवं ट्रेड टेस्ट में शामिल अभ्यर्थियों ने गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है।

पीड़ित अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षण समिति के समक्ष ट्रेड टेस्ट में उन्हें ‘अ’ एवं ‘ब’ दोनों श्रेणियों में सफल घोषित किया गया और ग्राउंड पर ही आधिकारिक पासिंग शीट पर उनके हस्ताक्षर लिए गए। इसके बावजूद जब 12 अगस्त को परिणाम जारी हुआ, तो उनका नाम और रोल नंबर सूची से पूरी तरह गायब मिला। बिना किसी स्पष्ट कारण या स्कोरकार्ड के सीधे बाहर किए जाने से चयन समिति की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं।

RTI से जवाब तलब, निष्पक्ष जांच की मांग

अचानक सूची से बाहर किए गए अभ्यर्थियों ने अब सूचना का अधिकार (RTI) के तहत पुलिस मुख्यालय में आवेदन देकर अपनी व्यक्तिगत मूल्यांकन शीट, श्रेणीवार कट-ऑफ अंक और 3 गुना नियम की अनदेखी का आधिकारिक आधार मांगा है। बेरोजगार अभ्यर्थियों ने गृह विभाग और उच्चाधिकारियों से पूरी चयन सूची की निष्पक्ष समीक्षा करने तथा नियमों के तहत 2,037 अभ्यर्थियों की संशोधित सूची जारी करने की मांग की है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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