मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालती आदेशों के पालन में लापरवाही बरतने और गलत आदेश पारित करने के मामले में बेहद कड़ा रुख अपनाया है।
जबलपुर/टीकमगढ़
हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ की इस बड़ी सख्ती के बाद राज्य शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीकमगढ़ जिले के जतारा के प्रभारी एसडीएम (राजस्व) संजय दुबे और लिधौरा के नायब तहसीलदार शिब्बू सिंह कसोरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सरकार की इस त्वरित कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद हाईकोर्ट ने संबंधित अवमानना याचिका का निराकरण कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला राकेश एवं अन्य बनाम संजय जैन एवं अन्य’ से जुड़ी एक अवमानना याचिका का है। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष इस मामले की गंभीर सुनवाई हुई। कोर्ट की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुनवाई के दौरान राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होना पड़ा।
सुनवाई के दौरान राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने कोर्ट के आदेशों के पालन में हुई अत्यधिक देरी के लिए अदालत से बिना शर्त क्षमा याचना की। शासन की ओर से कोर्ट में पेश किए गए अतिरिक्त अनुपालन प्रतिवेदन में बताया गया कि:
* अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा 30 जून 2026 को जो गलत आदेश पारित किया गया था, उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
* इसके बाद 1 जुलाई 2026 को राजस्व मंडल के निर्देशों के अनुरूप नया और सही आदेश जारी किया गया।
* नए आदेश के तहत याचिकाकर्ताओं के नाम राजस्व रिकॉर्ड (अभिलेखों) में दर्ज कर दिए गए हैं, जिससे उन्हें उनका हक मिल सका है।
हाईकोर्ट को शासन की तरफ से अवगत कराया गया कि अपने कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही बरतने वाले दोनों दोषी अधिकारियों (प्रभारी एसडीएम संजय दुबे और नायब तहसीलदार शिब्बू सिंह कसोरिया) को 2 जुलाई 2026 को निलंबित किया जा चुका है।
इसके साथ ही, पूरे मामले की तह तक जाने के लिए टीकमगढ़ कलेक्टर को वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह टीम पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बड़ा संदेश: हाईकोर्ट की इस कार्रवाई ने प्रशासनिक अमले को एक कड़ा संदेश दिया है कि अदालती आदेशों की अनदेखी या उसमें मनमानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी




