स्थानीय ऐतिहासिक एवं आस्था के केंद्र श्री विष्णु वराह मंदिर में प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर स्टाफ की उपस्थिति में दान पेटियां खोली गईं।
मझौली (मझौली दर्पण न्यूज)।
इस दौरान कुल 3,11,122 रुपये (तीन लाख ग्यारह हजार एक सौ बाईस रुपये) की नगद राशि प्राप्त हुई। इसके साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए आभूषण और करीब 40 से 50 हजार रुपये मूल्य के नारियल भी दान स्वरूप प्राप्त हुए हैं।
प्रशासनिक नियमों के तहत मौके पर ही पंचनामा तैयार कर नगद राशि को मंदिर के अधिकृत बैंक खाते में जमा करा दिया गया है और अन्य सामग्री को सुरक्षित रखवा दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में पूर्ण पारदर्शिता के साथ दान पेटियों को खोलने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस मौके पर मुख्य रूप से राजस्व निरीक्षक (RI) मझौली, हल्का पटवारी, कोटवार, मंदिर के मुख्य पुजारी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी की मौजूदगी में दान पेटियों के ताले खोले गए और प्राप्त राशि व सामग्री की विस्तृत गिनती की गई।
दान पेटी से प्राप्त नगद राशि का विवरण:
दान पेटी से अलग-अलग मूल्य के नोट और सिक्के प्राप्त हुए, जिनका विवरण निम्नानुसार है:
500 रुपये के नोट: 57 (कुल ₹28,500)
200 रुपये के नोट: 63 (कुल ₹12,600)
100 रुपये के नोट: 655 (कुल ₹65,500)
50 रुपये के नोट: 1,300 (कुल ₹65,000)
20 रुपये के नोट: 2,655 (कुल ₹53,100)
10 रुपये के नोट: 3,662 (कुल ₹36,620)
5 रुपये के नोट: 37 (कुल ₹185)
सिक्के (20, 10, 5, 2 और 1 रुपये के): कुल ₹49,617
कुल नगद राशि: ₹3,11,122/-
हजारों के नारियल, आभूषण और अन्य सामग्री भी हुई प्राप्त
नगद राशि के अलावा, श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धापूर्वक चढ़ाई गई अन्य सामग्रियां भी प्राप्त हुईं। मंदिर पुजारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चढ़ावे में लगभग 40,000 से 50,000 रुपये मूल्य के नारियल अलग से प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही आभूषणों में एक सोने की अंगूठी, तीन जोड़ी चांदी के बड़े-छोटे नेत्र (आंखें) और एक सिंगल बिछिया** सहित अन्य सामग्री शामिल है।
बैंक खाते और तहसील कार्यालय में सुरक्षित की गई सामग्री
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि दान से प्राप्त कुल नगद राशि (3,11,122 रुपये) को तत्काल मंदिर के आधिकारिक *बैंक खाता क्रमांक 2274688261 में जमा करा दिया गया है। वहीं, प्राप्त आभूषण और अन्य बहुमूल्य सामग्रियों को सुरक्षित रूप से तहसील कार्यालय स्थित मंदिर की आलमारी** में जमा करवा दिया गया है।
मौके पर ही राजस्व अधिकारियों, कोटवार शरद नारायण और अन्य उपस्थित गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर हस्ताक्षर कराए गए।