बूंद-बूंद पानी को तरसे खांड पटी के ग्रामीण: सरपंच-सचिव की लापरवाही से वार्ड 12 और 13 में जल सप्लाई पूरी तरह ठप

भीषण गर्मी में गहराया जल संकट, जिम्मेदार मौन; ग्रामीणों में भारी आक्रोश

खांड/मझौली:

जनपद पंचायत मझौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खांड पटी में इन दिनों विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। क्षेत्र में जल संकट इस कदर गहरा गया है कि ग्रामीणों को पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सबसे बदतर हालात खांड पटी के वार्ड क्रमांक 12 और 13 के हैं, जहां पिछले कई दिनों से नल-जल योजना और पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।

स्थानीय ग्रामीण और जागरूक नागरिक पिंटू सेंगर ने पंचायत प्रशासन पर सीधे आरोप लगाते हुए बताया कि यह संकट किसी प्राकृतिक आपदा के कारण नहीं, बल्कि पूरी तरह से सरपंच और सचिव की घोर लापरवाही के चलते पैदा हुआ है। वार्डों में पानी की सप्लाई बंद है, लेकिन पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

पिंटू सेंगर का फूटा दर्द:”भीषण गर्मी के इस दौर में वार्ड नंबर 12 और 13 के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हैं। घरों के चूल्हे जलने से लेकर मवेशियों के पीने तक के पानी का इंतजाम करना दूभर हो गया है। शिकायत करने के बाद भी सरपंच-सचिव के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है।

सप्लाई बंद होने के कारण प्रभावित वार्डों के ग्रामीणों को इस तपती धूप में कई किलोमीटर दूर स्थित निजी कुओं, हैंडपंपों या खेतों में लगे ट्यूबवेल से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से सक्षम लोग जैसे-तैसे पानी खरीद रहे हैं, लेकिन गरीब और मजदूर वर्ग के परिवारों के सामने संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। महिलाओं और बच्चों का पूरा समय सिर्फ पानी का इंतजाम करने में ही बीत रहा है।

खांड पटी के आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत प्रशासन और मझौली जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस समस्या का तुरंत निराकरण नहीं किया और जल सप्लाई बहाल नहीं कराई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि लापरवाह सरपंच और सचिव पर कार्रवाई की जाए और वैकल्पिक तौर पर तुरंत टैंकरों के माध्यम से पानी की व्यवस्था कराई जाए।

सरकार हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, लेकिन खांड पटी जैसी पंचायतों में जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जब जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही हो, तब सरपंच और सचिव का इस कदर उदासीन होना प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता उदाहरण है। उच्च अधिकारियों को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर ग्रामीणों को राहत पहुंचानी चाहिए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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