जबलपुर कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह शनिवार को अचानक सिहोरा विकासखंड के गेहूं खरीदी केंद्रों पर जा धमके।
सिहोरा/जबलपुर
उनके इस औचक निरीक्षण से केंद्र प्रभारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने घाट सिमरिया और गौरहा स्थित केंद्रों का सघन निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने स्वयं गेहूं की गुणवत्ता जांचने के लिए मॉइश्चर (नमी) माप की प्रक्रिया को देखा और तौल कांटों का भौतिक सत्यापन कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों से खरीदे जा रहे अनाज की गुणवत्ता और तौल में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरहा केंद्र में पकड़ी गई अनियमितता
गौरहा स्थित खरीदी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि वहां निर्धारित मानक से 300 ग्राम अधिक तौल ली जा रही थी। इस गंभीर अनियमितता पर उन्होंने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारी को मौके पर ही पंचनामा बनाने और दोषी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने केंद्रों पर मौजूद किसानों से भी चर्चा की और उनसे पूछा कि उन्हें उपज बेचने में कोई समस्या तो नहीं आ रही। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि:
* खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।
* किसानों के लिए पीने के पानी और बैठने जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं केंद्रों पर उपलब्ध रहें।
* लापरवाही या अनियमितता मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी और स्टॉक का वेरिफिकेशन
प्रशासनिक अमले ने केंद्रों पर बारदाने की उपलब्धता, भंडारण की स्थिति और सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की। कलेक्टर ने मौके पर ही स्टॉक वेरिफिकेशन के निर्देश भी दिए ताकि आंकड़ों में किसी भी प्रकार की हेराफेरी न हो सके।
इस दौरान सिहोरा एसडीएम श्रीमती ज्योति परस्ते, सहायक आपूर्ति नियंत्रक श्री प्रमोद मिश्रा, तहसीलदार एवं अन्य विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
रिपोर्ट संपादक, मझौली दर्पण न्यूज़




